वाराणसी। महाकुंभ (Mahakumbh) 2025 के दौरान परिवहन व्यवस्था को सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए वाराणसी के हरहुआ स्थित काशी कृषक इंटर कॉलेज में तैयार अस्थायी बस अड्डा पूरे उत्तर प्रदेश में मॉडल के रूप में अपनाया जाएगा। यह बस अड्डा प्रदेश का पहला और इकलौता अस्थायी बस अड्डा है, जिसे महाकुंभ के दौरान सभी जिलों में लागू करने का निर्देश दिया गया है।
Mahakumbh: उत्तर प्रदेश के लिए नई पहल
संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) शिखर ओझा के इस प्रयास को परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने सराहा है। मंत्री ने सभी जिलों में इसी तर्ज पर अस्थायी बस अड्डे विकसित करने का आदेश जारी किया।

100 प्राइवेट बसों का होगा संचालन
हरहुआ के अस्थायी बस अड्डे से प्रयागराज और अन्य महत्त्वपूर्ण मार्गों के लिए 100 प्राइवेट बसों की व्यवस्था की गई है। इन बसों का किराया उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों के समान होगा।
श्रद्धालुओं को मिलेगी विशेष सुविधाएं
अस्थायी बस अड्डे पर यात्रियों के आराम और सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है।
- आवश्यक सुविधाएं: शौचालय, पेयजल, लाइटिंग, बैठने की व्यवस्था।
- सर्दियों के लिए विशेष प्रबंध: कंबल और अलाव की व्यवस्था।
- स्वास्थ्य सेवाएं: चिकित्सकों की एक टीम लगातार उपलब्ध रहेगी।
वर्दी में दिखेंगे ऑटो चालक
सभी ऑटो चालकों को एक समान वर्दी उपलब्ध कराई गई है, जिसमें “सुगम महाकुंभ, सुरक्षित परिवहन” का प्रतीक चिन्ह अंकित है। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और पहचान सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
अधिकारी करेंगे शुभारंभ
अस्थायी बस अड्डे का उद्घाटन सोमवार सुबह जिलाधिकारी एस. राजलिंगम और एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया करेंगे। एआरटीओ शिखर ओझा ने बताया कि यह बस अड्डा रोजाना 100 प्राइवेट बसों का संचालन सुनिश्चित करेगा।
Highlights
महाकुंभ के लिए सुगम और सुरक्षित परिवहन
इस मॉडल से न केवल महाकुंभ के दौरान परिवहन की व्यवस्था आसान होगी, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा। अन्य जिलों में भी इस प्रयोग को लागू करने से प्रदेश में महाकुंभ की तैयारियों को एक नई दिशा मिलेगी।
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