भारतरत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती 12 दिसम्बर, गुरूवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) स्थित महामना प्रतिमा के समक्ष श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन मालवीय मिशन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, महामना परिवार तथा काशी हिंदू विश्वविद्यालय घुमक्कड़ संघ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महामना मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने राष्ट्रसेवा, शिक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण में मालवीय जी के योगदान को स्मरण किया।
आध्यात्मिकता, ज्ञान और संस्कृति का केंद्र काशी
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. रमाशंकर दूबे, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मालवीय मिशन एवं गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति, ने कहा कि मालवीय जी (BHU) का जन्म 12 दिसंबर 1861 को प्रयागराज में हुआ, लेकिन उन्होंने अपनी कर्मभूमि काशी को चुना- जो आध्यात्मिकता, ज्ञान और सनातन संस्कृति का केंद्र है।

उन्होंने कहा कि गुलाम भारत में अंग्रेजों ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था और सांस्कृतिक एकता को कमजोर करने के उद्देश्य से पाश्चात्य शिक्षा थोपने का प्रयास किया। 1857 के बाद अंग्रेजों ने मद्रास, मुंबई और कोलकाता विश्वविद्यालयों की स्थापना की, जहाँ भारतीय संस्कृति पर अंग्रेजियत का प्रभाव बढ़ाया गया।
BHU शिक्षा जगत में सतत प्रकाश का स्तंभ
ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में मालवीय जी ने यह ठाना कि भारत के युवाओं के लिए एक ऐसा विश्वविद्यालय स्थापित होना चाहिए जो ज्ञान, विज्ञान, संस्कृति और धर्म—सभी मूल्यों का संगम हो। इसी महान संकल्प के परिणामस्वरूप काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की स्थापना हुई, जो आज शिक्षा जगत में सतत प्रकाश स्तंभ के रूप में खड़ा है।
विशिष्ट अतिथियों का स्वागत प्रो. हीरालाल पाण्डेय ने माल्यार्पण और अंगवस्त्र भेंट कर किया।
कार्यक्रम का संचालन विजय नाथ पाण्डेय, राष्ट्रीय सचिव मालवीय मिशन ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. प्रभाकर उपाध्याय द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से प्रमील पाण्डेय, प्रो. शैलेन्द्र गुप्ता, प्रो. राजकुमार मिश्र, प्रो. रामानंद राय, प्रो. बीरेंद्र सिंह, प्रो. अनिल त्रिपाठी, डा. दीनानाथ सिंह, ई. दीनानाथ सिंह, डा. संजय पाण्डेय, प्रो. के. एन. त्रिपाठी, मनोज गुप्ता, नरेश पाण्डेय, बहादुर यादव, ताराचंद मेहरोत्रा, श्यामधर पाण्डेय, विनोद सिंह, विजय सिंह, अरुण मिश्रा, डा. सुधाकर त्रिपाठी, प्रभाकर पाण्डेय, रमाशंकर राय, दिनेश चंद्र त्रिपाठी, डा. गिरीशचंद्र त्रिपाठी, नरेंद्र त्रिपाठी, विकास, गुड्डू राय, मोहन पाण्डेय, एल.बी. यादव, परमानंद पाण्डेय, बी.बी. सिंह, जयशंकर पाण्डेय, डा. ओ.पी. तिवारी, सूरज प्रजापति, आर.पी. सिंह, आर.पी. राय, विद्यासागर सिंह, जगदीश शर्मा आदि उपस्थित रहें।

