Maharashtra: के थाणे जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक कॉलेज छात्र ने कथित रूप से मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या कर ली। दरअसल, छात्र को कुछ लोगों ने उसके मराठी ना बोल पाने पर उसकी ट्रेन में बुरी तरह पिटाई की थी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। अर्णव की मानसिक स्थिति पर पिटाई की इस घटना का गहरा असर पड़ा। जिससे प्रभावित होकर उसने आत्महत्या जैसा ठोस कदम उठा लिया। पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए इसपर मुकदम दर्ज किया है और आपराधियों की तालाश जुटी है।
रोजाना कॉलेज जाने के लिए करता था ट्रेन से सफर
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र की पहचान अर्णव खैर के रूप में हुई है। जो ठाणे (Maharashtra) के कल्याण ईस्ट का निवासी था। युवक अर्णव (19 वर्षीय) रोज कालेज जाने के लिए लोकल ट्रेन में सफ़र करता था। इसी बीच कुछ मनबढ़ मराठी यात्रियों ने उसे ट्रेन में मराठी न बोलने पर बुरी तरह से पिटा।
मृतक अर्णव के पिता ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद से वह काफी तनाव में रहने लगा था। डर और चिंता उसके व्यवहार में साफ दिखने लगे थे। मानसिक तनाव इतना बढ़ गया कि उसने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया।
Maharashtra हिंदी ना बोलने पर युवक को पिटा
युवक के पिता का कहना है कि उस दिन ट्रेन में अत्यधिक भीढ़ होने के कारण अर्णव ने एक दूसरे हिंदी बोलने वाले युवक से बोला “ भाई थोडा आगे बढ़ जाओ’’ इस पर बगल में दूसरे यात्री ने अर्णव के चेहरे पर मुक्के से मारा और बोला तुम्हें मराठी बोलने में शर्म आती है, इसके बाद पांच लोगो ने मिल कर उसेके साथ मार पीट की और उसे धमकाया भी गया। अर्णव को मुलुंड में उतरना था, लेकिन वह ठाणे (Maharashtra) में उतर गया ताकि लड़ाई को खत्म किया जा सके।
उसके बाद अर्णव काफी सदमे में आ गया और घर आकर उसने पिता को पूरी बात बताई। इसके बाद भी उसका तनाव कम नहीं हुआ। वह हमेशा डरा-सहमा रहता था और इस वजह से उसने फंसी लगा कर अपनी जान दे दी।

