Mau: अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र की मांग को लेकर तहसील परिसर में धरने पर बैठे गोंड समाज के लोगों को शनिवार को समाजवादी पार्टी का समर्थन प्राप्त हुआ। सपा के प्रतिनिधिमंडल ने तहसील पहुंचकर आंदोलनरत लोगों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। नेताओं ने प्रमाण पत्र जारी न किए जाने को अन्याय बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर शीघ्र समाधान की मांग की।
Mau:देश के लिए आदिवासी समाज का महत्त्वपूर्ण योगदान
समाजवादी पार्टी अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के प्रदेश (Mau) अध्यक्ष रवि गोंड बड़कू ने कहा कि उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में गोंड समाज को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र दिया जा रहा है, जबकि पूर्वांचल के जिलों (Mau) में इसे रोका जाना भेद-भावपूर्ण और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज का देश के इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है और आरक्षण उनका संवैधानिक अधिकार है, जिसे किसी भी सूरत में छीना नहीं जा सकता।
नेताओं ने कहा कि अपने हक और सम्मान के लिए संघर्ष करना आदिवासी समाज की परंपरा रही है और समाजवादी पार्टी इस लड़ाई में छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों के साथ मजबूती से खड़ी है। सपा नेताओं ने तहसील (Mau) प्रशासन पर धरनास्थल से टेंट व अन्य सामान हटाने तथा शौचालय में ताला लगाने का आरोप लगाते हुए कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो पूरे मामले को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के संज्ञान में लाकर आंदोलन (Mau) को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल (Mau) में शामिल प्रदेश उपाध्यक्ष भगवान बुद्ध गोंड, जिला अध्यक्ष दूधनाथ यादव, क्षेत्रीय विधायक राजेंद्र कुमार, विधानसभा अध्यक्ष अम्मान अहमद, बैजनाथ पासवान,राम प्रताप यादव, हरेंद्र गोंड, राजेश गोंड, प्रमोद कुमार, रवि पासी, डॉ सोचन भारती सहित अन्य नेताओं ने धरने को पूरी तरह जायज बताया।

