- भारत के संस्कृति को समझने विंध्य धाम पंहुचे विदेशी सैलानी
- धार्मिक यात्रा के दौरान संस्कृति को समझ भारत को अपनाए विदेशी
- मां के दर्शन कर अविभूत हुए सैलानी
संजय दूबे
मिर्जापुर। विन्ध्वासिनी धाम कॉरिडोर बन जाने के बाद से धाम में आने वाले सैलानियों की संख्या बढ़ गई है। कॉरिडोर बन जाने के बाद से माता के दर्शन करने आने वाले भक्तों को काफी सहूलियत हुई है। उन्हें दर्शन के लिए लंबी लाइन में लगने से लेकर कई सारी परेशानियों से मुक्ति मिली है।
भारतीय संस्कृति को समझने हेतु 60 सदस्यीय विदेशी मेहमान शुक्रवार दोपहर मां विंध्यवासिनी के दरबार में पंहुचे। विंध्यधाम पहुंचे विदेशी सैलानी ने सर्वप्रथम अटल चौराहे के पास स्थित भारतीय मानक समय को देख कर काफी खुश हुए और जिज्ञासा पूर्ण बातें की। जिसके पश्चात मां विंध्यवासिनी मंदिर पहुंचे जहां पर ढोल ताशा एवं वाद्य यंत्रों से विदेशी मेहमानों का स्वागत किया गया। सभी विदेशी सैलानी पूजन सामग्री के साथ मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए। साथ मे मौजूद अंतराष्ट्रीय ज्योतिष संजय रथ ने मां विन्ध्यवासिनी के महिमा का विश्लेषण किया।

दर्शन पूजन के पश्चात सभी सैलानी निर्माण हो रहे विंध्य कॉरिडोर को परखा एवं काफी सराहना की। विदेशी सैलानियों में अमेरिका, रूस, इंग्लैंड एवं सुमेरिया से करीब 60 लोग जिनमें महिलाएं पुरुष एवं बच्चे भी शामिल थे।
सभी 60 सदस्य अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिषाचार्य संजय रथ के सानिध्य में धार्मिक यात्रा कर रहे हैं अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिषाचार्य संजय रथ ने बताया कि इन लोगों को वेदांग कि समाज को भारत की संस्कृति सभ्यता का ज्ञान हो एवं यहां के लोगों को अपनाएं भारत को अपनाएं इसी उद्देश्य से यह यात्रा काशी विश्वनाथ के बाद मां विंध्यवासिनी के दरबार में आई है।