BHU: शिव की नगरी काशी को स्वच्छ और सुन्दर बनाने के लिए एक से एक बढ़कर एक परियोजनाओं को लाया जा रहा है। इसकी सूची में वाराणसी को नंबर वन बनाने के लिए नगर निगम निरंतर संलग्न है। वहीं शहर की पर्यावरण स्थिरता और स्थानीय लोगों की सुविधाओं ध्यान में रखते हुए नगर निगम अब BHU के साथ मिलकर काम करने जा रहा है। जलभराव की समस्या को रोकने के लिए मालवीय गेट से डाफी तक सुंदरीकरण किया जायेगा, जिसके तहत नई पाइपलाइन जैसी तमाम चीजों को लेकर सहमति बनी है।
नगर आयुक्त और BHU के कुलपति के बीच हुई बैठक
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल और बीएचयू के कुलपति प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी के बीच एक बैठक हुई। जिसमें इससे संबंधित कई मामलों पर चर्चा की गई। इस उच्च स्तरीय वार्ता के तहत BHU के बाहरी इलाके जैसे मालवीय गेट से डाफी कॉरिडोर तक सुंदरीकरण और खंडवा में जल भराव रोकने के लिए नई जल निकासी पाइप लाइन बिछाने के कार्य पर एमओयू साइन करने की सहमति बनी है।
इस साझेदारी का एक महत्वपूर्ण पहलू शैक्षणिक समन्वय भी है। अब प्रतिवर्ष विश्वविद्यालय के 50 छात्रों को नगर निगम में इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा, जिससे वे शहरी नियोजन और सामाजिक उद्यमिता की बारीकियां सीख सकेंगे।
विश्वविद्यालय परिसर (BHU) के भीतर भी स्वच्छता प्रबंधन और निराश्रित पशुओं के नियंत्रण के लिए नगर निगम अपनी सेवाएं प्रदान करेगा, जिससे हजारों छात्रों और कर्मचारियों को सीधा लाभ पहुंचेगा। निगम की ओर से डोमरी क्षेत्र में शहर के सबसे बड़े मियावाकी अर्बन फॉरेस्ट (शहरी वन) विकसित किया गया है।
बताते चलें कि इस एमओयू के तहत बीएचयू के ख्यातिलब्ध वनस्पति वैज्ञानिक इन पौधों की देखरेख में सक्रिय सहयोग करेंगे। वैज्ञानिक दल समय-समय पर डोमरी का निरीक्षण करेगा और पौधों के समुचित विकास के लिए तकनीकी सुझाव व दिशा-निर्देश प्रदान करेगा। यह पहल न केवल काशी के बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि शहरी वनीकरण के एक सफल मॉडल के रूप में पूरे देश के सामने मिसाल पेश करेगी।

