नई दिल्ली। कोरोना एक बार फिर से दुनिया में पांव पसारने लगा है। ज्सिके मद्देनजर भारत में अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ० मनसुख मंडाविया बुधवार को देश में कोविड-19 के मद्देनजर वरिष्ठ अधिकारियों व विशेषज्ञों संग बैठक किया। बैठक में उन्होंने कहा कि भारत हर स्थिति से निपटने को तैयार है। कोरोना अभी ख़त्म नहीं हुआ है। जिसके चलते हमने लोगों से अलर्ट रहने और सम्बन्धित अधिकारियों से निगरानी बढ़ाने को कहा है।
मीटिंग के बाद नीति आयोग के डॉ. वीके पॉल ने लोगों से भीड़भाड़ में मास्क लगाने की सिफारिश की है। ये गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों और बुजुर्गों के लिए बेहद जरूरी है। अभी केवल 27% आबादी ने ही बूस्टर डोज ली है। यह खुराक लेना सभी के लिए कंपलसरी है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को सभी केन्द्रशासित प्रदेशों व राज्यों को पत्र लिखा है। पत्र में लिखा गया कि कोरोना के सभी पॉजिटिव केस के सैंपल जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजें। ताकि इसके नए वैरिएंट का पता लगाया जा सके। बता दें कि इन दिनों चीन समेत दुनिया के 10 से देशों में कोरोना से हाहाकार मचा हुआ है। इन देशों में चीन, जापान, अमेरिका और ब्राजील भी शामिल हैं।

एक ओर दुनिया के कई देशों में कोरोना केस बढ़े हैं। वहीँ भारत में एक्टिव केस में तेजी से कमी नजर आई है। भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, देश में 20 दिसंबर की सुबह तक कुल 3,490 केस थे। जो कि मार्च 2020 के बाद सबसे कम है।
स्वास्थ्य मंत्री ने 19 दिसंबर को संसद में बताया था कि भारत में वैक्सीनेशन का आंकड़ा 220 करोड़ को पार कर चुका है। यह संख्या कोरोना की सभी उपलब्ध वैक्सीन की पहली, दूसरी और प्रिकॉशन डोज को मिलाकर है। देश में 18 जनवरी 2021 को दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू किया गया था। हालांकि, चीन में बढ़े कोरोना के मामलों को देखते हुए TMC सांसद काकोली घोष ने इंटरनेशनल उड़ानें रोकने की मांग की है।
भारत के अलावा अन्य देशों में बढ़ते हुए कोरोना संकट को लेकर भारत सरकार भी अलर्ट मोड पर आ गई है। हालांकि एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भारत में कोरोना सभी जगह पर आने की उम्मीद है। लेकिन वैक्सीनेशन के कारण इसके प्रलयंकारी होने की सम्भावना नहीं है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने बीते दिनों 220 करोड़ वैक्सीनेशन का आंकड़ा पार कर लिया था।