वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण [Nirmala Sitharaman] आज रविवार को वाराणसी पहुंची हैं। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस जो कि 10 अक्टूबर को मनाया जायेगा, इसके लिए IIT-BHU में आज से स्टूडेंट काउंसिल सविर्सेज कार्यक्रम की शुरूआत हुई है जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण [Nirmala Sitharaman] ने हिस्सा लिया। IIT-BHU के स्वतंत्रता भवन सभागार में आयोजित किये गये इस कार्यक्रम को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संबोधित किया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण [Nirmala Sitharaman] ने इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में रोज 20 भाषाओं में, 900 टेली काउंसलर, 3000 छात्रों को मेंटल हेल्थ एडवाइज देते हैं। 3 लाख छात्रों की काउंसिलिंग हो चुकी है।

IIT-BHU में टेक्नोक्रेट्स को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण [Nirmala Sitharaman] ने कहा कि सरकार ने 24×7 टेली-मेंटल हेल्थ सेवा लांच की है। 900 ट्रेंड टेली काउंसलर तैयार किए गए हैं। इस सेवा को टेली मानस कहा गया है। सभी टेली कॉलर फ्री ऑफ कॉस्ट मेंटल हेल्थ पर छात्रों की काउंसलिंग कर रहे हैं।

भारत के परिप्रेक्ष्य में मेंटल वेलनेस काफी जरूरी- Nirmala Sitharaman
अपने संबोधन में उन्होंने [Nirmala Sitharaman] आगे कहा कि सरकारें स्टूडेंट्स के मेंटल वेलनेस को लेकर क्या कर रही है। हमने बड़ा कदम उठाया है। लाखों साल में भारतीय सभ्यता का विकास हुआ। भारत के परिप्रेक्ष्य में मेंटल वेलनेस काफी जरूरी मुद्दा है। वित्त मंत्री ने कहा कि मेंटल स्ट्रेस हो या कोई और स्ट्रेस, इसके पीछे कई वजह होती हैं। प्रतिस्पर्धा सबसे बड़ी वजह है। इसलिए हेल्दी प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए।

वित्त मंत्री [Nirmala Sitharaman] ने कहा कि दूसरा है पब्लिक ओपिनियन। अच्छे अंक या कम अंक आने पर आपके सगे संबंधी या मित्र कैसी प्रतिक्रिया देते हैं, यह काफी जरूरी है। निगेटिव प्रतिक्रिया स्टूडेंट के मेंटल स्ट्रेस के पीछे सबसे बड़ी वजह है।
वित्त मंत्री [Nirmala Sitharaman] मेंटल हेल्थ पर छात्रों और प्रोफेसरों से बातचीत करने के बाद वह वापस नई दिल्ली लौट गयी। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 10 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इसी को लेकर आज IIT-BHU में एक बडे़ कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हुई।