BHU : शहर में ध्वनि प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से बीएचयू [BHU] परिसर में जगह-जगह नो हाॅर्न जोन का बोर्ड लगाया जाएगा। इसके लिए एक मानक को निर्धारित किया जाएगा। यदि कोई भी व्यक्ति उस निर्धारित मानक से ऊपर ध्वनि करता नजर आएगा तो उसपर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
BHU : ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए मानक का निर्धारण
इसके लिए बीएचयू [BHU] के चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में लोगों को बताते हुए उनसे ध्वनि प्रदूषण कम करने की अपील की गई। चीफ प्रॉक्टर ने जुर्माने को लेकर कहा कि डिस्प्ले बोर्ड में इस बात का भी जिक्र रहेगा कि मानक का पालन न करने वालों को पर्यावरण संरक्षण अधिनियम-1986 के तहत एक लाख रुपये तक जुर्माना या पांच साल तक की कैद या एक साथ दोनों सजा हो सकती है।
इस दौरान सत्या फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में चेतन उपाध्याय ने ध्वनि प्रदूषण कम करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सहमति बनी कि BHU विश्वविद्यालय में अस्पताल और ट्राॅमा सेंटर के पास भी साइलेंस जोन के बोर्ड लगाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि साथ ही इस पर भी सहमति बनी कि विश्वविद्यालय की बाहरी दीवार से सटे सभी द्वारों पर भी कानून की जानकारी के उद्देश्य से डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे। इसमें विशेषकर विश्वविद्यालय के साइलेंस जोन में आने, 100 मीटर के दायरे में किसी भी किस्म का ध्वनि प्रदूषण न करने की अपील की जाएगी।

