वाराणसी। IIT-BHU में गैंग रेप के मामले में न्याय की मांग कर रहे 13 छात्रों को विश्वविद्यालय के कुलपति ने निलंबित कर दिया है। इस निलंबन को रद्द करने की मांग को लेकर एनएसयूआई पूर्वी प्रदेशाध्यक्ष ऋषभ पाण्डेय के नेतृत्व में छात्रों ने प्रधानमंत्री कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। ज्ञापन देने की कोशिश के बावजूद, प्रशासन ने सरकार के दबाव में इसे स्वीकार करने से इंकार कर दिया।
ऋषभ पाण्डेय ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र में अपराध को बढ़ावा दे रहे हैं, और जो भी इसका विरोध करता है, उस पर मुकदमे दर्ज कर उसे विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि IIT-BHU की छात्रा के साथ हुए गैंग रेप के पीछे बीजेपी आईटी सेल के लोगों का हाथ है, और यह साफ दर्शाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपराध को बढ़ावा दे रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन, जो संघी विचारधारा से प्रेरित है, ने विरोध कर रहे 13 छात्रों को निलंबित कर दिया। इसके विरोध में हम सब एकजुट हैं।
IIT-BHU केस में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शनरत थे छात्र
पाण्डेय ने बताया कि शांति पूर्ण तरीके से प्रधानमंत्री कार्यालय में ज्ञापन देने की कोशिश की गई, लेकिन सरकार के दबाव के कारण ज्ञापन नहीं लिया गया। इसके विरोध में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन फाड़ दिया और जल्द ही एक बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
इस प्रदर्शन में एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष ऋषभ पाण्डेय के साथ आयुष यादव, संदीप पाल, गौतम शर्मा, गौरव पटेल, आशुतोष पाण्डेय, निखिल मिश्रा, शिवम सेठ, प्रदीप पाल, सुजीत मौर्य, अनुराग पाठक और रविकांत शर्मा समेत कई कार्यकर्ता शामिल थे।

