Jammu and Kashmir: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान अमेरिका में भारतीय पत्रकार के साथ राहुल गांधी की टीम द्वारा किए गए कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया। उन्होंने तीखा सवाल किया, “क्या भारतीय पत्रकार की पिटाई से भारत की प्रतिष्ठा बढ़ा रहे हो?” प्रधानमंत्री ने संविधान का जिक्र करते हुए कहा, “आपके मुंह में संविधान शब्द शोभा नहीं देता।”
प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में एक चुनावी सभा में यह बात कही। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग संविधान की बातें करते हैं, वे “नफरत की दुकान पर मोहब्बत का बोर्ड” लगाए बैठे हैं। मोदी ने अमेरिका में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ, पत्रकारों, पर हुए हमले का हवाला देते हुए कहा, “मैंने आज अखबार में पढ़ा कि कैसे अमेरिका में एक भारतीय पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार हुआ। क्या इससे देश की प्रतिष्ठा बढ़ेगी?”
गौरतलब है कि एक मैगज़ीन से जुड़े पत्रकार रोहित शर्मा ने अमेरिका के टेक्सास में हुए दुर्व्यवहार का विवरण दिया है। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी की अमेरिका यात्रा से पहले उन्होंने इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा का साक्षात्कार लिया था। 7 सितंबर को साक्षात्कार के अंत में उन्होंने पित्रोदा से सवाल किया कि क्या राहुल गांधी बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के जाने के बाद हिंदुओं पर हुए हमलों का मुद्दा उठाएंगे।
Jammu and Kashmir: 30 मिनट तक पत्रकार को बैठाए रखा !
इस सवाल के बाद वहां मौजूद राहुल गांधी के समर्थकों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। रोहित ने बताया कि सैम पित्रोदा राहुल को एयरपोर्ट लेने चले गए थे, और उनके जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने उनका मोबाइल फोन छीनकर साक्षात्कार का वीडियो डिलीट कर दिया। उन्हें 30 मिनट तक वहीं बिठाए रखा गया और उनके सवाल को विवादित बताते हुए आरोप लगाया गया।
रोहित शर्मा ने बताया, “विडंबना यह है कि जब राहुल गांधी बाद में अमेरिकी प्रेस के साथ भारत में पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर बात कर रहे थे, तब उनकी टीम मुझे चुप कराने में व्यस्त थी। हर अमेरिकी यात्रा में वह प्रेस की स्वतंत्रता पर बात करते हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि वह स्वतंत्रता उनके अपने खेमे तक नहीं पहुंचती।”

