लखनऊ स्थित (Lucknow Breaking) राजभवन गेट पर एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया तब से ये खबर सुर्ख़ियों में आ गयी है। राजभवन के गेट नंबर 13 पर महिला ने बच्चे को जन्म दिया। दरअसल, रविवार को लेबर पेन होने पर महिला रिक्शे से अस्पताल की ओर जा रही थी कि तभी उसकी तबीयत अचानक से ज्यादा बिगड़ गई। फिर वहां मौजूदा लोगों ने फोन करके एम्बुलेंस बुलाया। लेकिन 1 घंटा बीतने के बाद भी एम्बुलेंस वहां पहुंच ना सकी। इसके बाद वहां पर मौजूद महिलाओं ने उस महिला को चादर से घेरकर राजभवन के गेट (Lucknow Breaking) पर ही उसकी डिलीवरी कराई।
जानकारी के मुताबिक 1 घंटे बाद जब पुलिस कर्मी एम्बुलेंस के साथ राजभवन (Lucknow Breaking) पहुंचे। इसके बाद आनन-फानन में महिला और उसके बच्चे को लेकर लखनऊ के निजी हॉस्पिटल में भारती कराया लेकिन निराशा की बात यह है कि अस्पताल के डॉक्टरों ने नवजात शिशु को मृत घोषित कर दिया।
Lucknow Breaking : नेताओं ने घेरा भाजपा सरकार को, किया ट्वीट
अब इस इस मामले ने तुल पकड़ना शुरू कर दिया है, राजनितिक पार्टियों के नेताओं ने इसपर अपनी राजनीतिक रोटियों को सेकना शुरू कर दिया है।
वहीं इस घटना के बाद सपा नेता शिवपाल यादव ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि सूबे की स्वास्थ्य व्यवस्था अपने लाख विज्ञापनों व दावों के बावजूद वेंटिलेटर पर है। एम्बुलेंस न मिलने पर रिक्शे से अस्पताल जा रही गर्भवती महिला को राज भवन (Lucknow Breaking) के पास सड़क पर प्रसव के लिए मजबूर होना पड़े, तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था की असल हकीकत को दर्शाती है।

समाजवादी पार्टी ने भी अपने ऑफिशियल ट्वीटर हैंडल से ट्वीट करके लिखा कि अत्यंत दुःखद ! स्वास्थ्य व्यवस्था ध्वस्त, नहीं पहुंची एंबुलेंस तो सड़क पर ही बच्चे को जन्म दिया जिसकी मृत्यु हो गई। राज्यपाल के घर के बाहर (Lucknow Breaking) भाजपा सरकार और स्वास्थ्य विभाग की नाकामी उजागर हो गई।


