Sonbhadra: आदिवासी भवन (सामुदायिक भवन) को खाली कराने को लेकर सपा सांसद छोटेलाल सिंह खरवार ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से सांसद ने डीएम को अवगत कराया है कि आदिवासी भवन (सामुदायिक भवन) पर काफी दिनों से कब्जा है। कब्जा मुक्त कराने के लिए पूर्व में पत्र लिखा जा चुका है लेकिन अधिकारी बात को अनसुना कर रहे है। सांसद ने डीएम (Sonbhadra) से समाज कल्याण अधिकारी को तत्काल निर्देशित कराते हुए उक्त आदिवासी भवन को खाली करने व भवन में उपस्थित सामान जैसे टेबल, कुर्सी, मेज आदि को हटवाने की बात कहा। इस प्रकार का पत्र दर्जनों बार अधिकारीयों को लिखा जा चुका है।
सोनभद्र में आदिवासी खरवार भवन पर अधिकारियों (Sonbhadra) के कथित कब्जे को लेकर विवाद गहरा गया है। यह विवाद सोनभद्र जनपद के आदिवासी खरवार भवन से जुड़ा है। इस भवन में रॉबर्ट्सगंज के पूर्व सदर विधायक (Sonbhadra) स्वर्गीय हरि प्रसाद उर्फ कॉमेडी सीन खरवार की मूर्ति स्थापित है। आदिवासियों ने चंदा एकत्र कर यह मूर्ति लगवाई थी, जिसकी लागत तीन लाख रुपये से अधिक थी। वर्ष 2013 में एक कार्यक्रम आयोजित कर उनकी पुण्यतिथि भी मनाई गई थी।
Sonbhadra:सामाजिक कार्यक्रमों में होता था इस्तेमाल
पट्टा मिलने के बाद, पूर्व विधायक हरि कुमार प्रसाद के प्रयासों से सांसद निधि से 35 लाख रुपये की धनराशि भवन निर्माण के लिए भेजी गई। इस राशि से भवन का निर्माण पूरा हुआ और यह सामाजिक कार्यक्रमों के लिए उपयोग में आने लगा। सांसद का आरोप है कि पिछले ढाई से तीन वर्षों से समाज कल्याण अधिकारी और जिलाधिकारी (Sonbhadra) ने यह कहकर भवन अपने कब्जे में ले लिया कि इसमें कुछ कमियां हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि भवन को एक-दो महीने में खाली कर दिया जाएगा और वे अपना अलग भवन बना लेंगे। शिक्षा के कार्य को देखते हुए इसकी अनुमति दी गई थी, लेकिन आज तक भवन खाली नहीं कराया गया है।
जनपद के आदिवासी जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनके एकमात्र आदिवासी भवन पर बुलडोजर चलाने या पूर्व विधायक की मूर्ति हटाने का प्रयास किया गया, तो वे 2027 के आगामी चुनावों में करारा जवाब देंगे। उन्होंने संविधान और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यह पूरे जनपद में एकमात्र आदिवासी भवन है। इसका उपयोग शिक्षा, पुण्यतिथि, विवाह-शादी और गरीब आदिवासियों के विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों के लिए किया जाता है। इसके बावजूद इस पर कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है।

