Sonbhadra: सांसद खेल महोत्सव शुरू होने से पहले ही राजनीतिक उठापटक शुरू हो गई है। स्पर्धा के लिए प्रकाशित पोस्टर और आमंत्रण पत्रों में स्थानीय सपा सांसद छोटेलाल खरवार ही गायब हैं। खेल प्रतियोगिता सांसद के नाम पर हो रही है, लेकिन न तो कहीं उनकी तस्वीर है और न ही नाम का उल्लेख। सांसद ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे सदन में उठाने और संबंधित अफसरों की जबावदेही तय करने की बात कही है।
सांसद खेल महोत्सव 25 दिसंबर को
ग्रामीण क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन पर जोर दिया जा रहा है। सभी प्रमुख अवसरों पर खेलकूद के कार्यक्रम नियमित कराए जा रहे हैं। विधायक खेल स्पर्धा की तर्ज पर ही सांसद खेल स्पर्धा भी आयोजित होनी है। इसी कड़ी में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई की जन्म शताब्दी वर्ष पर 25 दिसंबर को तियरा स्थित विशिष्ट स्पोर्ट्स स्टेडियम (Sonbhadra) में सांसद खेल महोत्सव का आयोजन किया गया है।
इसमें एथलेटिक्स, वॉलीबॉल, कुश्ती, फुटबाल, जूडो, कबड्डी, भारोत्तोलन, बैडमिंटन प्रतियोगिताएं होनी हैं। कार्यक्रम के लिए जो निमंत्रण पत्र बांटे गए हैं, उस पर कहीं भी रॉबर्ट्सगंज लोकसभा क्षेत्र के सपा सांसद छोटेलाल खरवार के नाम व फोटो का जिक्र नहीं है।
Sonbhadra: भड़के सांसद छोटेलाल खरवार
अलबत्ता राज्यसभा सांसद हरदीप सिंह पुरी, समाज कल्याण विभाग के राज्य मंत्री संजीव सिंह गोंड, पूर्व सांसद रामशकल सहित भाजपा के नेताओं जनप्रतिनिधियों और अफसरों के नाम दर्शाए गए हैं। निमंत्रण पत्र भी आम लोगों की तरह पहुंचा है। इसे देखते ही सांसद छोटेलाल खरवार भड़क उठे। इस कड़ी नाराजगी जताते हुए मामले को सदन में उठाने की बात कही है।
दिल्ली तक ले जाएंगे यह मामला
छोटेलाल खरवार, सपा सांसद, रॉबर्ट्सगंज (Sonbhadra) ने कहा कि यह सरकारी कार्यक्रम है, बावजूद यहां के स्थानीय सांसद का नाम न होना ओछी मानसिकता को दर्शाता है। इससे स्पष्ट है कि अफसर भाजपा के कार्यकर्ता बनकर काम कर रहे हैं। यह पहला मामला नहीं है। सामूहिक विवाह सहित ऐसे अन्य सरकारी आयोजनों में भी मौजूदा जनप्रतिनिधि की उपेक्षा जानबूझकर कराई जा रही है। इस मामले को दिल्ली तक ले जाएंगे। इसे सदन में रखा जाएगा और संबंधित अफसरों की जवाबदेही तय कराते हुए कार्रवाई की मांग करेंगे।
शमीम अहमद, जिला खेल अधिकारी (Sonbhadra) ने बताया कि कार्यक्रम से संबंधित बैनर-पोस्टर, आमंत्रण पत्र स्थानीय स्तर से नहीं छपे हैं। यह चूक कहां से हुई, पता कराते हैं। सांसद जी जनप्रतिनिधि हैं और कार्यक्रम में अतिथि भी। उनका पूरा सम्मान है।

