वाराणसी। मनी बैंक और ब्लड बैंक का नाम तो सुना होगा। अब इसी तर्ज पर अब बनारस में स्पर्म बैंक खोलने की तैयारी चल रही है। इसके खुलने से जो महिलाएं मां नहीं बन सकतीं, उन्हें इसका बड़ा फायदा मिलेगा। वे इसकी मदद से मातृत्व का सुख प्राप्त कर सकती है।
फिलहाल शहर के निजी अस्पतालों में विट्रो फर्टिलाइजेशन (आइवीएफ) की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन काफी महंगी है। सरकारी अस्पतालों में यह सुविधा देने की कवायद शुरू कर दी गई है। वाराणसी में स्पर्म बैंक की सुविधा इस साल से लोगों को मिलने की उम्मीद है।
ये है नियम
स्पर्म बैंक में लोग ब्लड बैंक की तरह स्पर्म डोनेट कर सकते हैं। नियमों के तहत स्पर्म डोनेट करने वाले का नाम-पता कानून व इंडियन काउंसिलग आफ मेडिकल रिसर्च की गाइडलाइन के तहत गोपनीय रखा जाएगा। जो महिला मां नहीं बन सकती, उनके गर्भाशय में आइयूआइ (गर्भाशय में स्पर्म सीधे डालने की प्रक्रिया) और आइसीएसआइ (स्पर्म के नमूने में से एक स्वस्थ शुक्राणु चुनकर एक अंडे के सेंटर में इंजेक्ट कर फर्टिलाइज अंडे को महिला साथी के गर्भाशय में इंप्लांट किया जाता है), पद्धति का उपयोग किया जाता है।
सीएमओ डॉ० संदीप चौधरी की अनुसार, वाराणसी में स्पर्म बैंक और आईवीएफ खोलने का प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की कोशिश लगातार जारी है। ताकि जनपद समेत आसपास के लोगों को अच्छी चिकित्सा सुविधा मिल सके।