Namo Ghat: 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर काशी नगरी एक बार फिर योगमय हो उठी। शहर के विभिन्न हिस्सों में भोर होते ही योगाभ्यास कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इसी कड़ी में वाराणसी के प्रसिद्ध नमो घाट पर भी इस मौके पर विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। यहाँ गंगा किनारे सैकड़ों की संख्या में लोगों ने सामूहिक योग कर तन-मन को स्फूर्त किया।


Namo Ghat: भगवान शंकर को मन जाता है आदि योगी
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह रहे। उन्होंने योग साधकों को संबोधित करते हुए कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसकी जड़ें अनादिकाल से जुड़ी हैं। वीरेंद्र सिंह ने कहा, “भगवान शंकर को हम आदि योगी मानते हैं। उन्होंने योग और तपस्या के जरिए लोक कल्याण का मार्ग दिखाया। ऐसा माना जाता है कि उन्होंने विष को अपने गले में ही रोक कर सृष्टि की रक्षा की।”


नमो घाट (namo ghat) पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में सूर्य नमस्कार, प्राणायाम, अनुलोम-विलोम, ताड़ासन और अन्य योग क्रियाओं का अभ्यास कराया गया। गंगा तट की ठंडी हवा और सूरज की पहली किरणों के बीच योगाभ्यास करते लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था।


कार्यक्रम के समापन पर सांसद वीरेंद्र सिंह ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर हों। इस कार्यक्रम में सांसद वीरेन्द्र सिंह के साथ सपा के जिलाध्यक्ष सुजीत सिंह लक्कड़, संजय मिश्रा और अशोक यादव सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहें।

