उत्तर प्रदेश (UP) की राजनीति में शंकराचार्य विवाद के बीच उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने एक ऐसा कदम उठाया जिसने चर्चाओं को नया आयाम दे दिया। अपने सरकारी आवास पर उन्होंने बड़ी संख्या में बटुकों को आमंत्रित कर परंपरागत तिलक लगाकर उनका सम्मान किया। पुष्प वर्षा के बीच यह आयोजन न केवल धार्मिक परंपराओं की गरिमा को उजागर करता है, बल्कि सामाजिक सद्भाव का भी प्रतीक बना।
आत्मीय माहौल और बटुकों का आभार
कार्यक्रम के दौरान वातावरण आत्मीयता से भरा रहा। बटुकों ने उपमुख्यमंत्री (UP) के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने समाज और परंपराओं से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट और सम्मानजनक रुख अपनाया है। उनका मानना था कि इस तरह की पहल समाज में सकारात्मक संदेश देती है और धार्मिक परंपराओं की रक्षा के लिए जनप्रतिनिधियों की भूमिका को मजबूत करती है।
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब हाल ही में शंकराचार्य (UP) के शिष्य की शिखा खींचे जाने की घटना ने व्यापक चर्चा को जन्म दिया था। इस मामले पर ब्रजेश पाठक ने इंटरव्यू में इसे निंदनीय बताया था और कहा था कि किसी भी व्यक्ति की धार्मिक पहचान या परंपरा का अपमान अस्वीकार्य है। उन्होंने समाज से संवेदनशीलता और आपसी सम्मान बनाए रखने की अपील की थी।
UP: राजनीतिक और सामाजिक महत्व
बटुकों ने उपमुख्यमंत्री (UP) के बयान को समाज में सकारात्मक संदेश देने वाला बताया। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधियों को धार्मिक और सामाजिक सम्मान से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। इस आयोजन को राजनीतिक हलकों में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह विवाद के बीच एक संतुलित और सौहार्दपूर्ण संदेश देने का प्रयास है।
कार्यक्रम के दौरान शांति और अनुशासन बनाए रखा गया। उपमुख्यमंत्री (UP) ने एक बार फिर कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। पुष्प वर्षा और पारंपरिक स्वागत के बीच यह आयोजन न केवल विवाद को शांत करने का प्रयास था, बल्कि समाज में आपसी सम्मान और परंपराओं की गरिमा को पुनः स्थापित करने का भी प्रतीक बन गया।

