UP: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर विवादों एक बदल छटने का नाम नहीं ले रहे हैं। बीते दिनों प्रयागराज में माघ मेले में हुए विवाद के बाद एक के बाद एक संकट उनपर मंडरा रहा है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर अब उनके शिविर में बच्चों के साथ यौन शोषण करने का आरोप लगाया गया है। ये गंभीर आरोप जगतगुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने लगाया है। इसके साथ ही उनपर उनकी आय से अधिक संपत्ति होने की भी बात कही गई है।
up- आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने दायर की याचिका
इसको लेकर 8 फरवरी को आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने प्रयागराज (UP) की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दर्ज किया है। दायर याचिका दायर में उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि गुरुकुल की आड़ में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वेरानद बाल उत्पीड़न करते हैं। इसकी पुष्टि के लिए आशुतोष ब्रह्मचारी ने 2 बच्चों को साक्ष्य व गवाह के तौर भी पेश किया। उन्होंने इसके लिए कोर्ट से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इतना ही नहीं, आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने यह भी आशंका जताई है कि शंकराचार्य के शिविर में अवैध हथियार भी मजूद हैं। उनके आय से अधिक उनकी संपत्ति है और उनके नजदीकी शिष्यों में शामिल मुकुंदनंद की भी जांच (UP) करने की मांग की है।
वहीं इन तमाम आरोपों को ख़ारिज करते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जब हमारे द्वारा देश में गोमाता की रक्षा के लिए आवाजें बुलंद की गई तो यह मुद्दा कई लोगों को राश नहीं आया और इसी के चलते उन्हें अब बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। इस प्रकार के आरोपों की सभ्य समाज से अपेक्षा नहीं की जा सकती है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे यह भी बताया कि हमने आरोपों को निराधार बताते हुए सभी साक्ष्यों को कोर्ट में पेश कर दिया है। अब इस मामले को लेकर दोनों पक्ष 20 फरवरी को कोर्ट में पेश होंगे। इसके साथ ही शंकराचार्य ने सीएम योगी पर भी आरोप लगाया है कि उनकी आवाज को दबाने के लिए हर तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। हम शंकराचार्य की कोई संपत्ति नहीं होती है। सीएम योगी वेतन भोगी है, हम नहीं। अब न्यायालय (UP) ही इस पूरे मामले को लेकर दूध का दूध और पानी का पानी करेगा।

