- किसानों के हित में राजातलाब तहसील प्रांगण (Varanasi) में धरना प्रदर्शन किया
- ट्रान्सपोर्ट नगर योजना पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दिया स्थगन का आदेश
- अजय राय ने कोर्ट के निर्णय को सराहते हुए उनका किया धन्यवाद
वाराणसी | मंगलवार को किसान और पुलिस के बीच हुए गुरिल्ला युद्ध के खिलाफ आज (बुधवार) सर्वदलीय पार्टी के लोगों ने किसानों के हित में राजातलाब तहसील प्रांगण (Varanasi) में धरना प्रदर्शन किया। जहां कांग्रेस, सपा सहित कई पार्टियों के नेता भी उपस्थित रहें। इस धरना प्रर्दशन के दौरान किसान यूनियन जिन्दाबाद, किसानों की जमीन वापस करों जैसे कई नारे लगाए गए। वहीं इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी किसानों के सपोर्ट में मोहनसराय (Varanasi) ट्रान्सपोर्ट नगर योजना पर स्थगन का आदेश दे दिया है।

इस धरना प्रदर्शन में मौजूद चंदौली के पूर्व सांसद राम किशन यादव ने कहा कि इस बात की बहुत खुशी है कि हाई कोर्ट ने इसपर स्थगन आदेश लगा दिया। कल जिलाप्रशासन द्वारा जो किसान महिला व युवकों के साथ जुल्मजाती हुई, वह बहुत ही निंदनीय है और सरकार को इस धरने के माध्यम से यह चेतवानी दी जा रही है कि यदि इस प्रकार की घटना से किसी को भी क्षति पहुंचती है या किसी की जान जाती है तो यह आन्दोलन उग्र रूप लेगी।

इस धरने में मौजूद कांग्रेस के पूर्व सांसद अजय राय ने कहा कि यहाँ सभी किसान मौजूद है और हम सभी लोग मिलकर यह लड़ाई लड़ेंगे। वहीं उन्होंने हाई कोर्ट के निर्णय को सराहते हुए उनका धन्यवाद दिया।

इस प्रकरण पर बात करते हुए मोहनसराय किसान संघर्ष समिति के संरक्षक विनय शंकर राय मुन्ना ने कहा कि यह लड़ाई बनारस के जिला प्रशासन के खिलाफ नहीं यह देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ की लड़ाई है। हमलोगों ने जो आरोप लगाया था उसपर कोर्ट ने आदेश दिया है और हम किसान सही है इसीलिए कोर्ट ने इस योजना पर स्थगन का आदेश दिया है।
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इसके साथ ही इस धरना प्रदर्शन में उपजिलाधिकारी राजातालाब गिरीश कुमार द्विवेदी भी पहुंचे जिन्होंने हाईकोर्ट के स्थगन आदेश का पालन करते हुए बैरवन, कर्नाडाड़ी गांव से फोर्स समेत विकास प्राधिकरण के लोगों को वापस जाने के लिए अल्टीमेटम दिया।
varanasi : इस घरना प्रदर्शन के पीछे क्या रहा कारण
बता दें कि कल यानि मंगलवार को विकास प्राधिकरण (वीडीए) और प्रशासन की टीम ट्रांसपोर्ट नगर रोहनिया (Varanasi) में निशानदेही करने पहुंची। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने को लेकर वहां हंगामा शुरू हो गया और किसान वीडीए की टीम से भिड़ गए थें। हंगामा इतना बढ़ गया था कि जब पुलिस ने वहां से किसानों को हटाना चाहा तो उन्होंने पुलिस और वीडीए की टीम पर पथराव करना शुरू कर दिया था तो वहीं दूसरी तरफ से पलटवार में पुलिस भी लाठी चार्ज करने लगी थी। इस घटना में दरोगा कुलदीप कुमार के साथ कई किसान और पुलिसकर्मी घायल हो गए।