- इस दिन हिन्दू शौर्य दिवस और मुस्लिम काला दिवस मनाते हैं।
- 30 वर्ष पहले गिराया गया था विवादित ढांचा।
- करोड़ों – अरबों के व्यापार पर मंगलवार को ताला लगा हुआ है।
Abhishek Seth
वाराणसी। अयोध्या के विवादित ढांचे बाबरी मस्जिद को 6 दिसंबर 1992 को हिन्दू संगठन द्वारा गिराया गया था। इस घटना के 30 वर्ष बाद भी धर्मावलम्बियों के जेहन में इसकी यादें ताजा हैं। एक ओर हिन्दू व इसके सहयोगी संगठन मंगलवार को शौर्य दिवस मना रहे हैं। वहीं इस्लाम को मानने वाले काला दिवस मना रहे हैं। ऐसे में वाराणसी के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र दालमंडी में सन्नाटा पसरा पड़ा है। यहां मुस्लिम समाज के ओर से काला दिवस मनाया जा रहा है। जिसके मद्देनजर दालमंडी व इससे लगायत हडहा सराय, राजा दरवाजा, चौक मार्केट का कुछ हिस्से की सभी दुकानें बंद हैं। तस्वीरें देखकर साफ तौर पर स्पष्ट हो रहा है कि यहां 6 दिसंबर अथवा कथित तौर पर शौर्य दिवस का जबरदस्त तरीके से विरोध हो रहा है।

बता दें कि वाराणसी का दालमंडी और उससे लगायत कई मार्केट ऐसे हैं, जहां प्रतिदिन के हिसाब से अरबों रुपए का व्यापार होता है। संकरी गलियों में बसा यह मार्केट अत्यंत प्राचीन है। रविवार साप्ताहिक बंदी के अलावा किसी भी दिन यहां पैर रखने की जगह नहीं होती। लेकिन आज बाबरी मस्जिद गिराने के विरोध में यहां के व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखी हैं। जिसके बाद यहां सन्नाटा पसरा पड़ा है।

आज 6 दिसंबर के विरोध में समस्त दुकानें बंद की गई हैं। हम दुकानें बंद करके शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसा कई वर्षों से होता आया है कि हम इस दिन अपनी दुकानें बंद करते हैं।
- शफीक अहमद।
इस दिन मुस्लिमों के पाक बाबरी मस्जिद को हिन्दू संगठन द्वारा गिराया गया था। जिसके शोक में हम दुकानें बंद करके शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हैं। यह एक ऐसा घाव है, जो सदियों तक भुलाया नहीं जा सकता।
- नवाब कुरैशी।