Varanasi: भीषण ठंड के बीच पर्यटकों और जरूरतमंदों को राहत देने के लिए नगर निगम द्वारा शहर के अलग-अलग हिस्सों में बनाए गए रैन बसेरे अब खुद अव्यवस्था का शिकार होते नजर आ रहे हैं। बनारस में कुल 26 रैन बसेरे तैयार किए गए हैं, लेकिन मैदागिन चौराहे पर बनाया गया एक रैन बसेरा ऑटो चालकों की मनमानी की भेंट चढ़ गया है।
लोगों को करना पड़ रहा परेशानियों का सामना
हालत यह है कि इस रैन बसेरे में जरूरतमंदों के ठहरने के बजाय ऑटो खड़े किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब कोई इस पर आपत्ति जताता है तो ऑटो चालक बहस और लड़ाई पर उतारू हो जाते हैं। इससे न केवल रैन बसेरे (Varanasi) की उपयोगिता खत्म हो रही है, बल्कि ठंड में राहत पाने आए लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Varanasi: अव्यवस्था की भेंट चढ़ रहा रैन बसेरा
गौरतलब है कि नगर निगम ने कुछ ऐसे शेल्टर होम भी बनाए हैं, जहां प्रयागराज से माघ स्नान कर वाराणसी (Varanasi) लौट रहे श्रद्धालुओं के सामान को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है। लेकिन इन जगहों पर भी कई स्थानों पर ऑटो चालकों ने कब्जा कर रखा है। मैदागिन चौराहे पर बनी ऐसी ही एक महत्वपूर्ण व्यवस्था अब अव्यवस्था और अराजकता की भेंट चढ़ती दिखाई दे रही है।

स्थानीय नागरिक राजू का कहना है कि ऑटो चालकों की यह मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि यह रैन बसेरा गरीबों और ठंड से बचाव के लिए बनाया गया है, लेकिन यहां ऑटो खड़े (Varanasi) कर दिए गए हैं। जब कोई कुछ कहता है तो ऑटो चालक लड़ने लगते हैं। वहीं अधिकारियों का कहना है कि यह मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। जानकारी मिलने के बाद स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

