Varanasi: वाराणसी में प्रशासन द्वारा ऑटो रिक्शाओं पर बारकोड लगाने के फैसले का ऑटो रिक्शा यूनियन ने कड़ा विरोध किया है। ऑटो चालकों का कहना है कि यह फैसला तानाशाहीपूर्ण है और उनके दैनिक कामकाज को प्रभावित करेगा। यूनियन का मानना है कि शहर की ट्रैफिक समस्या को हल करने के कई और तरीके हैं, लेकिन प्रशासन उनके रोजगार को निशाना बना रहा है।
ऑटो रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष घनश्याम यादव ने कहा कि यातायात पुलिस रूट व्यवस्था के नाम पर चालकों से धन उगाही कर रही है और ई-रिक्शाओं को शहरी क्षेत्रों में संचालन से रोकने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रशासनिक अधिकारी प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र को बदनाम करने की मंशा से ऐसा कर रहे हैं, और इस फैसले पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।

Varanasi: आदेश जल्द वापस लेने के लिए दी चेतावनी
यादव ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ही अपने आदेश को वापस नहीं लिया, तो ई-रिक्शा और ऑटो चालक अहिंसात्मक आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। इसके परिणामस्वरूप जो भी स्थिति बनेगी, उसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से जिला प्रशासन की होगी।
यूनियन की इस बैठक में जिलाध्यक्ष घनश्याम यादव के साथ कमलाकांत सिंह, मनीष पटेल, बब्बल यादव, शिवम सेठ, विजय जायसवाल, बबलू कन्नौजिया, अरविन्द यादव, अजय गुप्ता, अभिषेक सिंह, मनीष गुप्ता, शहजाद मंसूरी, वसीम अहमद, अंकित राय, राजेश सिंह, विनोद गिरि, जितेन्द्र उपाध्याय और विनोद सोनकर सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित थे।

