Varanasi: दो जिला के सीमा पर स्थित चौबेपुर थाना महज़ 7 महीने 6 दिन के भीतर चार थाना प्रभारियों के लाइन हाज़िर होने से पूरे महकमे में चर्चा का विषय बन गया है। एक के बाद एक कार्रवाई ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर चौबेपुर में पुलिसिंग क्यों टिक नहीं पा रही? क्या यह सिर्फ प्रशासनिक संयोग है या बढ़ते अपराधों और चर्चित मामलों की लंबी कड़ी?

Varanasi: लाइन हाज़िर की पूरी टाइमलाइन
- जगदीश कुशवाहा – 21 जून 2025 को क्षेत्र में बढ़ते अपराध और चोरी की वारदातों के चलते लाइन हाज़िर।
- रविकांत मलिक – 11 जुलाई 2025 को चर्चित छितौना कांड के बाद कार्रवाई।
- अजीत कुमार वर्मा – 24 दिसंबर 2025 को रिंग रोड पर गौ तस्करी प्रकरण उजागर होने पर लाइन हाज़िर।
- इंद्रेश कुमार – दुष्कर्म से जुड़ा मामला छुपाने के आरोप में हालिया कार्रवाई।
लगातार चार प्रभारियों का हटना बताता है कि चौबेपुर (Varanasi) थाना इस समय हॉट सीट बन चुका है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बार-बार बदलाव से अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं और पुलिस व्यवस्था की स्थिरता प्रभावित हो रही है।
वहीं इस सम्बन्ध में वाराणसी (Varanasi) जिला उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष एडवोकेट एन.पी. जायसवाल (नन्हें) ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में गांजा और हीरोइन तस्कर सक्रिय हैं। कैथी इलाके में अवैध मादक पदार्थ कारोबार और टोल प्लाजा कर्मियों से कथित मिलीभगत कर धन उगाही की चर्चाएं आम हैं।

उनका आरोप है कि गरीब, शोषित और पीड़ित लोगों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा, जिससे जनता में रोष बढ़ रहा है। भौगोलिक दृष्टि से भी यह थाना अत्यंत संवेदनशील है। रिंग रोड इसी क्षेत्र से होकर चंदौली की ओर जाता है और आगे बिहार से जुड़ता है। ढाबा, खनन और सीमावर्ती गतिविधियों के चलते यह इलाका अपराध की दृष्टि से अहम माना जाता है।
जाल्हूपुर में नया थाना खोलने की मांग भी जोर पकड़ रही है।मोबाइल छिनैती, उचक्कागिरी और अन्य वारदातों में बढ़ोतरी, ऊपर से होली और ईद जैसे बड़े त्योहार नए प्रभारी के लिए यह अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा।

