Varanasi: क्यूआर कोड सिस्टम के विरोध में हड़ताल पर बैठे ई-रिक्शा चालक अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी समस्याएं रखने की योजना बना रहे हैं। चालकों ने एक विशेष रूट मैप तैयार किया है, जिससे शहर में जाम की स्थिति को भी नियंत्रित किया जा सके और उनका रोजगार भी सुरक्षित रहे। उनका आरोप है कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं, इसलिए अब वे सीधे मुख्यमंत्री से गुहार लगाएंगे।
ई-रिक्शा चालक यूनियन के अध्यक्ष प्रवीण काशी ने शास्त्री घाट पर बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 16 सितंबर को वाराणसी आ रहे हैं। इस दिन, ई-रिक्शा चालक अपनी पूरी परिवार के साथ, जिसमें माता-पिता, बच्चे, भाई और पत्नी शामिल होंगे, मुख्यमंत्री से मिलने जाएंगे। प्रवीण काशी ने बताया कि केवल चालकों को ही नहीं, बल्कि उनके परिवार को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि एक 10 पेज का प्रपोजल तैयार किया गया है, जिसे मुख्यमंत्री के समक्ष पेश किया जाएगा। इस प्रस्ताव में शहर में जाम की समस्या का समाधान सड़क पर नियमों और व्यवस्था के जरिए करने की बात की गई है, न कि रोजगार छीनकर।
Varanasi: ई-रिक्शा चालक प्रशासन से नहीं कर पा रहे बातचीत
प्रवीण काशी ने कहा कि वे पहले वाराणसी के पुलिस कमिश्नर और डीएम को प्रस्ताव देना चाहते थे, लेकिन उनके साथ संवाद स्थापित नहीं हो पा रहा है। अब वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपनी समस्याओं का समाधान की उम्मीद कर रहे हैं और चाहते हैं कि वाराणसी में उनका भी रोजगार चले और शहर की समस्याओं का समाधान हो।

