Varanasi: आईसीएआर–भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी की ओर से रविवार को रिन्यू फाउंडेशन, पनियारा में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2026 को ‘महिला किसान वर्ष’ घोषित किए जाने के संदर्भ में आयोजित इस कार्यक्रम का विशेष महत्व रहा। कार्यक्रम में 70 से अधिक महिला किसानों सहित कुल 100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत महिला किसानों द्वारा सहजन (मोरिंगा) के पौधारोपण से की गई। आयोजकों के अनुसार यह पहल पोषण सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से की गई।
कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कृषि, पोषण सुरक्षा और ग्रामीण (Varanasi) विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही टिकाऊ और समावेशी कृषि प्रणाली को मजबूत बनाया जा सकता है।
Varanasi: कृषि उद्यमिता के लिए किया प्रेरित
इस अवसर पर वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. ज्योति देवी ने “पोषण वाटिका: महिलाओं और परिवार (Varanasi) के लिए सशक्त साधन” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने घर के आसपास पोषण वाटिका विकसित कर परिवार के पोषण स्तर को बेहतर बनाने की जानकारी दी। वहीं डॉ. सुदर्शन मौर्य ने महिलाओं के लिए सब्जी आधारित उत्पादन और आयवर्धन के अवसरों पर विस्तार से जानकारी दी। डॉ. भुवनेश्वरी और डॉ. नीरज सिंह ने भी अपने विचार रखते हुए महिलाओं को सब्जी उत्पादन, पोषण वाटिका की स्थापना और कृषि आधारित उद्यमिता अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान महिला किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 15 स्वयं सहायता समूहों को कृषि आदान सामग्री वितरित की गई। इसमें स्प्रेयर, तिरपाल और सब्जी बीज किट शामिल रहे।
आयोजन को सफल बनाने में रिन्यू फाउंडेशन के क्षेत्रीय संचालक संदीप का विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने कार्यक्रम को महिला किसानों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

