Varanasi: भेलूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कबीर नगर कॉलोनी, दुर्गाकुंड निवासी एक महिला ने अपने पुत्र के विदेश में एडमिशन के नाम पर ठगी और धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता प्रेमलता कुमारी के अनुसार, कुछ व्यक्तियों द्वारा सुनियोजित तरीके से उनके पुत्र को विदेश भेजने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी की गई तथा अब उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं।

प्रेमलता कुमारी (Varanasi) ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके पुत्र शिवम कुमार को जॉर्जिया में एडमिशन दिलाने के नाम पर विवेक यादव, संजय तिवारी, पंकज धामी, श्वेता सूद एवं विष्णु उपाध्याय द्वारा पिछले लगभग पांच महीनों से गुमराह किया जा रहा था। आरोप है कि इन लोगों ने विभिन्न तिथियों पर अलग-अलग माध्यमों से कुल 10 लाख 85 हजार रुपये वसूले। इसमें 8000 अमेरिकी डॉलर, 1,50,000 रुपये आरटीजीएस के माध्यम से, 10,000 रुपये एवं 15,000 रुपये यूपीआई के जरिए तथा 1,35,000 रुपये नकद शामिल हैं। पीड़िता का कहना है कि कई भुगतान पर उन्हें रसीद दी गई, जबकि कुछ रकम बिना किसी प्रमाण के ली गई।

आरोपियों ने विश्वास दिलाया कि शिवम कुमार का जॉर्जिया में एडमिशन सुनिश्चित हो गया है और जल्द ही वीजा प्रक्रिया पूरी कर उन्हें विदेश भेज दिया जाएगा। इसी भरोसे में आकर पीड़िता (Varanasi) ने अपने पुत्र के सभी आवश्यक मूल दस्तावेज जैसे पासपोर्ट, 10वीं एवं 12वीं की मार्कशीट, सर्टिफिकेट, सीएलसी और आधार कार्ड ब्लू डार्ट कूरियर के माध्यम से नोएडा स्थित उनके कार्यालय भेज दिए।
Varanasi: एडमिशन से संबंधित सभी दस्तावेज फर्जी
पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने पहले 25 अक्टूबर 2025, फिर 30 अक्टूबर और बाद में 10 नवंबर 2025 की तिथि देकर विदेश भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर प्रक्रिया को टालते रहे। जब पीड़िता ने सच्चाई जानने का प्रयास किया, तो उन्हें पता चला कि एडमिशन से संबंधित सभी दस्तावेज फर्जी हैं और उनके पुत्र का कहीं भी कोई दाखिला नहीं कराया गया है। इतना ही नहीं, अब आरोपियों द्वारा और अधिक रुपये की मांग की जा रही है।
पीड़िता (Varanasi) का कहना है कि उनसे 2 लाख रुपये अतिरिक्त देने का दबाव बनाया जा रहा है, अन्यथा उनके पुत्र के मूल दस्तावेज वापस नहीं किए जाएंगे। फोन पर संपर्क करने पर आरोपियों द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
प्रेमलता कुमारी (Varanasi) ने यह भी आरोप लगाया कि यह गिरोह वाराणसी, नोएडा और लखनऊ तक फैला हुआ है और कई अन्य लोगों को भी इसी तरह ठगी का शिकार बना चुका है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की जाए, उनके पुत्र के मूल दस्तावेज वापस दिलाए जाएं तथा ठगी गई पूरी राशि की बरामदगी कराई जाए।
पीड़िता ने अंत में प्रशासन से न्याय की अपेक्षा जताते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण ने उनके परिवार को मानसिक रूप से गहरा आघात पहुंचाया है और उनके पुत्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है।



