Varanasi: काशी, जिसे बाबा विश्वनाथ की पवित्र नगरी के रूप में जाना जाता है, अपनी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है। यहां के निवासियों की बाबा के प्रति असीम श्रद्धा के चलते इस प्राचीन नगरी में सात दिनों के वार और नौ त्योहारों का आयोजन होता है, जो इस भक्ति का अद्वितीय प्रतीक है।
इसी काशी में बाबा विश्वनाथ के पुत्र गजानंद (प्रथम पूज्य) के एक अनोखे भक्त विजय का निवास है, जो अपनी अनोखी कला के लिए जाने जाते हैं। विजय अपनी बंद आंखों से केवल 25 सेकंड में गणपति की छवि उकेरने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। खास बात यह है कि विजय हर बार गणपति बप्पा के अलग-अलग रूपों को कागज पर उकेरते हैं। अब तक वे लाखों गणपति की पेंटिंग्स बना चुके हैं और समय-समय पर इनका प्रदर्शन भी करते हैं।

वाराणसी के अस्सी इलाके में रहने वाले विजय, बचपन से ही गणपति बप्पा के गहरे भक्त रहे हैं। उनकी भक्ति इतनी प्रबल है कि वे आंखों पर पट्टी बांधकर भी तेजी से कैनवास पर गणपति की छवि बना लेते हैं। पेंटिंग शुरू करने से पहले विजय भगवान गणपति का ध्यान करते हैं और ‘ॐ गणपते नमः’ मंत्र का जाप करते हुए चित्र को साकार करते हैं।
Varanasi: दो रिकॉर्ड बना चुके, तीसरे की कर रहे तैयारी
गणपति बप्पा के आशीर्वाद से विजय ने अब तक दो वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं, जिनमें एक लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है। अब विजय तीसरे वर्ल्ड रिकॉर्ड की तैयारी में जुटे हुए हैं और उनकी इस अद्वितीय कला को देखकर लोग चकित रह जाते हैं। विजय ने बताया कि पहले वे खुली आंखों से गणपति की पेंटिंग बनाते थे, लेकिन कुछ साल पहले उनके भतीजे ने उनकी आंखों पर पट्टी बांधकर पेंटिंग बनाने का सुझाव दिया। इसके बाद विजय ने इस कला का अभ्यास शुरू किया और अब वे 25 से 30 सेकंड के भीतर बंद आंखों से गणपति बप्पा की पेंटिंग बनाने में सफल हैं।

