Varanasi की धरती पर अब क्रिकेट का नया इतिहास लिखने की तैयारी है। गंजारी स्थित भव्य क्रिकेट स्टेडियम, जो शिव के त्रिशूल और डमरू की आकृतियों से सजा है, जल्द ही अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का गवाह बनने जा रहा है। इस बार भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेज़बानी में होने वाले टी20 विश्व कप की आहट बनारस तक पहुँच चुकी है, और शहर का यह नया स्टेडियम क्रिकेट प्रेमियों को रोमांच से भर देने वाला है।
भारतीय टीम की घोषणा और बनारस का उत्साह
शनिवार को घोषित भारतीय टीम में सूर्यकुमार यादव को कप्तान और अक्षर पटेल को उपकप्तान बनाया गया है। टीम में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, रिंकू सिंह, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, वॉशिंगटन सुंदर और ईशान किशन जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। यह टीम जब गंजारी (Varanasi) स्टेडियम में उतरेगी, तो बनारसियों के लिए यह किसी उत्सव से कम नहीं होगा।
स्टेडियम का अनोखा डिज़ाइन और तैयारियाँ
गंजारी (Varanasi) स्टेडियम का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। त्रिशूल के आकार की लाइटें, डमरू की आकृति वाला स्टैंड और शिव के माथे के चंद्रमा जैसा दर्शक दीर्घा—यह सब मिलकर स्टेडियम को काशी के सांस्कृतिक मिज़ाज से जोड़ते हैं। बीसीसीआई की निगरानी टीम और जिला प्रशासन लगातार काम की गति पर नज़र रखे हुए हैं। हाल ही में अधिकारियों ने निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया कि वित्तीय वर्ष के अंत तक शेष कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
Varanasi: पूर्वांचल को मिलेगा पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मंच
यह स्टेडियम (Varanasi) पूर्वांचल का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट केंद्र होगा। आधुनिक सुविधाओं, विशाल दर्शक दीर्घा और शहर की आत्मा से मेल खाते डिज़ाइन के साथ यह बनारस को खेल जगत में नई पहचान देगा। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक धड़कन के साथ जुड़ा हुआ अनुभव होगा।
विश्व कप से पहले नई दिशा
टी20 विश्व कप 2026 भारतीय क्रिकेट के लिए एक नया अध्याय साबित होगा। वाराणसी (Varanasi) का गंजारी स्टेडियम इस आयोजन से पहले ही देश और दुनिया के क्रिकेट मानचित्र पर अपनी जगह बना रहा है। उम्मीदें हैं कि भारतीय टीम इस बार भी अपने प्रदर्शन से दिल जीत लेगी, और बनारसियों को मिलेगा क्रिकेट का ऐसा उत्सव, जिसे वे लंबे समय तक याद रखेंगे।
यह सिर्फ खेल नहीं, बल्कि काशी की आत्मा और क्रिकेट का संगम है—जहाँ परंपरा और आधुनिकता मिलकर एक नया इतिहास रचने को तैयार हैं।

