Varanasi: रोजा का पाक महीना चल रहा और इफ्तार पार्टी का सिलसिला भी लगातार जारी है। लेकिन इसी बीच वाराणसी में सोमवार की शाम एक ऐसी इफ्तार पार्टी हुई, जो विवाद का विषय बन गई। दरअसल, वाराणसी में गंगा के लहरों के बीच रोजेदारों ने नाव पर इफ्तार पार्टी की। इफ्तार पार्टी के दौरान आयोजकों ने फल और मेवा के साथ-साथ रोजेदारों ने बिरयानी भी परोसा। अब पवित्र नदी मां गंगा के बीच धारा में इफ्तारी करते लोगों ने चिकन बिरयानी का लुफ्त उठाते हुए इसका वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो जारी करते हुए सभी लोग अपना जमकर सेलिब्रेशन दिखा रहे हैं। अब इसका वीडियो अपलोड होते ही इस मामले ने तुल पकड़ लिया।

Varanasi: पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की
मामला सामने आने के बाद बीजेपी और हिंदूवादी संगठनों ने इसे आस्था पर ठेस बताते हुए आक्रोश जताया और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने गंगा के पवित्र जल में चिकन बिरयानी खाने और उसके अवशेषों को फेंकने का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी की मांग की है। इसके लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने कोतवाली थाने (Varanasi) में मुकदमा दर्ज कराई है।
बता दें कि वाराणसी (Varanasi) के एक युवक रोजेदार ने सोमवार की शाम इफ्तार पार्टी का आयोजन किया था। बजड़े को बुक किया और गंगा घाट पर रोजेदारों को बुलाया। पहले महफ़िल सजाई गई फिर नाव पर ही रोजेदारों ने नमाज पढ़ी फिर खजूर और फल खाकर अपना-अपना रोजा खोला। इसके बाद नाव पर बिरयानी समेत अन्य खानपान की सामग्री परोसी गई।

रजत जायसवाल ने तहरीर देते हुए यह आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय के कुछ युवकों ने गंगा में नाव पर बैठकर इफ्तार के दौरान बिरयानी खाई और बचा हुआ हिस्सा गंगा में फेंक दिया। उन्होंने कहा कि इस कृत्य से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। तहरीर के साथ घटना (Varanasi) का वीडियो भी साक्ष्य के रूप में उपलब्ध कराया गया है।
वहीं रजत जायसवाल ने इसके अलावा उक्त नाव चालक के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग करते हुए उसके लाइसेंस को निरस्त करने की भी मांग की है।

