Varanasi: ठठेरी बाजार स्थित शेरवाली कोठी से लेकर लक्सा के लक्ष्मीकुंड तक रविवार को पूरे शहर में भक्तिमय वातावरण छा गया। अवसर था मुंबई के सुप्रसिद्ध लालबाग का राजा श्रीगणेश जी के विसर्जन शोभायात्रा का, जो कि श्री काशी मराठा गणेश उत्सव समिति के तत्वावधान में बड़े ही धूमधाम से सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर काशीवासी पारंपरिक मराठी संस्कृति से रूबरू हुए और गगनभेदी नारों से माहौल गूंज उठा।

विसर्जन से पूर्व शेरवाली कोठी में श्रीगणेश जी का मराठी विधि-विधान से पूजन और महाआरती की गई। इसके बाद सुसज्जित रथ पर विराजमान लालबाग का राजा की प्रतिमूर्ति को भक्तों (Varanasi) ने शोभायात्रा के लिए रवाना किया। समिति के अध्यक्ष आनंद राव सूर्यवंशी ने गणपति बप्पा की आरती उतारी।

नासिक का ठोल–ताशा दल बना आकर्षण
इस भव्य शोभायात्रा में महाराष्ट्र नासिक का 80 सदस्यीय गजपति ठोल-ताशा दल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। उनकी ताल और लयबद्ध प्रस्तुतियों ने काशीवासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। परंपरागत सफेद टोपी और पारंपरिक परिधान पहने श्रद्धालु “गणपति बप्पा मोरया” (Varanasi) के उद्घोष करते हुए शोभायात्रा में शामिल रहे। बड़ी संख्या में महिलाएं भी इस यात्रा का हिस्सा बनीं।
Varanasi: सांस्कृतिक झलक और हल्दी–कुमकुम
शनिवार की शाम महिलाओं ने पारंपरिक रीति से श्रीगणेश जी को हल्दी-कुमकुम अर्पित किया और एक-दूसरे को सुहाग की लंबी आयु का आशीर्वाद दिया। इसी क्रम में विजय वाल्मीकि ग्रुप ने मां अन्नपूर्णा, दुर्गा और अन्य रूपों की अद्भुत झांकी प्रस्तुत कर दर्शकों का दिल जीत लिया।

भक्तों ने चांदी का मुकुट किया अर्पित
उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने लालबाग का राजा श्रीगणेश जी को नक़्शीदार चांदी का मुकुट अर्पित किया। इससे पहले भक्तगण भगवान गणेश को चांदी का चक्र और गदा भी अर्पित कर चुके थे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री चंद्रशेखर सिंह ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को छत्रपति शिवाजी महाराज सम्मान 2025 से अलंकृत किया। इसमें समाजसेवा, शिक्षा, उद्योग, कला, पत्रकारिता, खेल, वैदिक सेवा और दिव्यांग सेवा जैसे क्षेत्रों से जुड़े व्यक्तित्व शामिल रहे। सम्मानित विभूतियों में चंद्रशेखर सिंह, चेतन उपाध्याय, प्रदीप नारायण डोगरे, रजत पाठक, खुशी सिंह, चंद्रशेखर अग्रवाल, पं. विशेश्वर शास्त्री, राजेंद्र दूबे, विजयता सचदेवा और राधा सिंह का नाम प्रमुख रहा।
इस अवसर पर समिति के संरक्षक माणिक राव पाटिल, संतोष पाटिल, सुहास पाटिल, महामंत्री अन्ना मोरे, कोषाध्यक्ष हनुमान शिंदे, समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी, समाजसेवी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।