Varanasi: गंगा के पावन तटों पर पर्यटन का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। रविदास घाट से संचालित होने वाला ‘गंगोत्री जलयान’ अब यात्रियों को काशी से चुनार और गाजीपुर तक धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों की सैर कराएगा।
“अतिथि देवो भव” की परंपरा के साथ शुरू की गई इस पहल में यात्रियों का स्वागत भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक माहौल के बीच किया जाएगा। गंगा पर तैरते इस आधुनिक जलयान में आराम और लग्जरी का पूरा ख्याल रखा गया है।
Varanasi: जिम, स्पा और लाउंज जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं
करीब 52 मीटर लंबे और 12 मीटर चौड़े क्रूज में 24 भव्य एयर कंडीशन कमरे तैयार किए गए हैं, जिनमें एक बार में 50 से ज्यादा पर्यटक ठहर सकते हैं। इसके अलावा जिम, स्पा, रेस्टोरेंट और लाउंज जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं भी मौजूद हैं। इसका मकसद यह है कि पर्यटक यात्रा (Varanasi) के दौरान न केवल गंगा की सुंदरता का आनंद लें, बल्कि आराम और विलासिता का अनुभव भी कर सकें।
‘गंगोत्री जलयान’ की यात्रा में श्रद्धालु और पर्यटक मिर्जापुर, विंध्याचल धाम, चुनार किला, मार्कंडेय महादेव मंदिर और गाजीपुर जैसे प्रमुख स्थलों का दर्शन भी कर पाएंगे। इससे गंगा किनारे बसे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को नई पहचान मिलेगी।
पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि यह जलयान न केवल देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपरा (Varanasi) को वैश्विक मंच पर भी ले जाएगा। इसके जरिए पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।