Varanasi: आध्यात्मिक नगरी वाराणसी में इन दिनों गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। देश-विदेश से आए श्रद्धालु मां गंगा के पावन तट पर स्नान, पूजन-अर्चन और धार्मिक अनुष्ठान कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में एनडीआरएफ वाराणसी, उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के कुशल निर्देशन में गंगा घाटों पर चौबीसों घंटे मुस्तैदी के साथ तैनात है। बल के प्रशिक्षित और अनुभवी बचावकर्मी हर संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहते हैं।
इसी दौरान मंगलवार को मीर घाट पर एक घटना ने कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बना दिया। गंगा (Varanasi) में स्नान कर रही 16 वर्षीय एक युवती, जो बिहार के मुंगेर जिले की निवासी बताई जा रही है, अचानक असंतुलित होकर गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति तेजी से बिगड़ती जा रही थी।
Varanasi: एनडीआरएफ की तत्परता से बची युवती
मौके पर पिकेट ड्यूटी में तैनात (Varanasi) एनडीआरएफ के सतर्क रेस्क्यूर आलेखा चंद जीना की नजर जैसे ही युवती पर पड़ी, उन्होंने बिना देर किए तुरंत गंगा में छलांग लगा दी। अपनी सूझबूझ और प्रशिक्षण का परिचय देते हुए उन्होंने कुछ ही पलों में युवती तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घाट पर लाने के बाद युवती को प्राथमिक सहायता प्रदान की गई, जिससे उसकी हालत धीरे-धीरे सामान्य हो गई। इस दौरान वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली और एनडीआरएफ के इस साहसिक कार्य की जमकर सराहना की।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि घाटों पर तैनात एनडीआरएफ की टीम हर परिस्थिति में सतर्क और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रही है, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो पा रही है।
