Varanasi: प्रयागराज माघ मेला में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी को गंगा स्नान से रोके जाने को लेकर सियासी और धार्मिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इसे सनातन परंपराओं पर सीधा आघात बताते हुए समाजवादी पार्टी ने गुरूवार को वाराणसी में विरोध प्रदर्शन किया।
समाजवादी पार्टी की ओर से यह विरोध प्रदर्शन वाराणसी (Varanasi) के सामने घाट पर आयोजित किया गया। मां गंगा की गोद में उतरकर कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया और कहा कि सनातन धर्म के नाम पर दिखावा करने वाली सरकार की सच्चाई अब जनता के सामने आ चुकी है। प्रदर्शन (Varanasi) के दौरान धार्मिक आस्था और संत समाज के सम्मान की रक्षा की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
Varanasi: सरकार से तत्काल नोटिस वापस लेने की मांग
प्रदर्शन (Varanasi) का नेतृत्व बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी के महानगर अध्यक्ष अमन यादव ने किया। उन्होंने कहा कि पहले शंकराचार्य जी को गंगा स्नान से रोका गया और जब उन्होंने विरोध किया तो सरकार ने नोटिस जारी कर उन्हें माघ मेला से बाहर करने की कोशिश की। यह पूरी तरह असंवैधानिक और निंदनीय है। अमन यादव ने मांग की कि योगी आदित्यनाथ सरकार तत्काल नोटिस वापस ले और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
इस विरोध प्रदर्शन (Varanasi) में राधेश्याम यादव, बाबू भारती, अमन कुमार, उमेश राजभर सहित समाजवादी पार्टी और बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में संत समाज के सम्मान और सनातन परंपराओं की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।

