Varanasi: जब भी आप किसी सिनेमा हॉल में पिक्चर देखने जाते हैं तब आपको एक पानी की बोतल तक ले जाने को नहीं मिलती। खाने पीने की कोई भी चीज़ आपको अंदर ले जाने की परमिशन नहीं होती। आपको बाहर ही रोक दिया जाता है। अरे पानी की बोतल छोडो आप एक टॉफी भी अपने साथ लेकर नहीं जा सकते। आपको जो खाना हो, जो पीना हो आपको वहीं मॉल से ही केना पड़ता है। लेकिन जब आपको उसी मॉल में सड़ी हुई चीजें मिले फिर आप क्या करेंगे….
बड़े-बड़े मॉल और उनके खाने पीने की चीजे, जिसका क्रेज तो हर किसी को होता है। ऊँचे दामों में मिलने के बाद भी लोगों के अंदर इन जगहों से खाने-पीने की चीजों को लेने का एक अलग ही शौक देखने को मिलता है लेकिन जब आपको एक का चार पैसा देने के बाद भी इन जगहों से बेकार, खराब, सडा हुआ या महका हुआ खाना मिले तो क्या आप फिर भी ऐसी जगह जाएंगे। इतना ही नहीं, दुकानदार खराब सामान देने के बाद भी अपनी गलती ना माने और दलील पर दलील पेश करें तो ये मामला और भी ज्यादा गंभीर हो जाता है।

Varanasi: गंभीर लापरवाही का मामला आया सामने
हम बात कर रहे हैं वाराणसी (Varanasi) के भेलूपुर स्थित आईपी विजया मॉल की कैंटीन की, जहाँ खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां खाने-पीने पहुंचे एक ग्राहक को सड़ा हुआ समोसा परोस दिया गया, जिससे मॉल प्रबंधन पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस वाकया का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
नए साल पर हर्षित पहुंचा था विजय मॉल
नए साल के अवसर पर चिरई गांव निवासी हर्षित कुमार मौर्य 1 जनवरी 2026 की सुबह आईपी विजया मॉल की कैंटीन में समोसा खाने पहुंचे थे। जैसे ही उन्होंने समोसा लिया, उसमें से तेज दुर्गंध आने लगी। संदेह होने पर जब समोसा खोलकर देखा गया, तो वह पूरी तरह सड़ा हुआ निकला।
शिकायत करने पर सिर्फ मिली दलील
उन्होंने तत्काल इसकी शिकायत कैंटीन प्रबंधन (Varanasi) से की लेकिन प्रबंधन अपनी गलती मानने को तैयार नहीं था। उसका सिर्फ एक ही कहना था हम बनाते थोड़े ना है, आखिर जब उस समोसे को बेच कर कमीशन की बात आएगी तब तो वह सबसे पहले लेंगे लेकिन ग्राहक को सही चीज ना मिले इससे उनका कोई लेना-देना ही नहीं है। उन्हें सिर्फ कमाने से मतलब हैं, ग्राहक को क्या दिया जा रहा उसका कुछ नहीं।
ग्राहक और स्थानीय लोगों ने खाद्य सुरक्षा विभाग से पूरे मामले की जांच कराने और दोषी कैंटीन संचालकों (Varanasi) के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

