Varanasi: गुरुवार दोपहर की थोड़ी सी बारिश ने नगर निगम के दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। थोड़ी देर की बारिश से ही शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे जल निकासी व्यवस्था की खामियां उजागर हो गईं। सीवर लाइनें ओवरफ्लो हो गईं और नालों का पानी सड़कों पर आ गया, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ गईं।
अंधरापुल, भदऊ चुंगी समेत कई क्षेत्रों में लोगों को पानी में फंसी अपनी गाड़ियों को निकालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। पानी के कारण कई वाहनों के इंजन बंद हो गए, जिससे लोग मुसीबत में पड़ गए। यहां तक कि बारिश रुकने के बाद भी कई घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही।

Varanasi: क्या बोले आम नागरिक…
आंध्रापुल के नीचे एक फंसे व्यक्ति ने बताया कि यहां की जल निकासी की समस्या सालों से जस की तस बनी हुई है, और अब तक इसका कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है। यह क्षेत्र प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के बावजूद, प्रशासन इस मुद्दे को हल करने में असफल रहा है।

नगर निगम के दावे भले ही बड़े हों, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सफाई की उचित व्यवस्था न होने के कारण पानी का जमाव हो रहा है। पुल का नाम बदलकर सीता द्वार रख दिया गया, लेकिन नाम बदलने से समस्याएं हल नहीं होतीं। यहां जरूरी है कि ठोस कदम उठाए जाएं ताकि दोपहिया वाहन चालकों समेत आम जनता को राहत मिल सके।
प्रशासन और नगर निगम को इस समस्या पर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि इस तरह की अनदेखी नागरिक सुविधाओं के लिए हानिकारक साबित हो रही है।