Varanasi: चोलापुर के तेवर गांव निवासी कुणाल गोंड हत्या मामले में न्याय की मांग को लेकर सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) और ग्रामीणों ने वाराणसी जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस एक मंत्री के दबाव में आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है और पीड़ित परिवार की एफआईआर तक दर्ज नहीं की जा रही है।
‘हत्यारों को फांसी दो’ के जमकर लगे नारे
सपा अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री व्यासजी गोंड, जिलाध्यक्ष सुजीत यादव सहित सैकड़ों सपा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने सपा कार्यालय से जुलूस निकालकर जिला मुख्यालय (Varanasi) का घेराव किया। इस दौरान “कुणाल के हत्यारों को फांसी दो, गिरफ्तारी करो” जैसे नारे गूंजते रहे।
प्रदर्शनकारियों की भीड़ देखकर कैंट और शिवपुर थाने की पुलिस (Varanasi) फोर्स को मौके पर बुलाना पड़ा। बाद में एसीएम तृतीय मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त किया।

व्यासजी गोंड ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में लगातार हत्या की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन पुलिस अपराधियों पर कार्रवाई करने में विफल है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो सपा इस मुद्दे को बड़े आंदोलन में बदलेगी।
प्रदर्शन (Varanasi) में रीबू श्रीवास्तव, किशन दीक्षित, संतोष यादव एडवोकेट, राहुल यादव, जवाहर, सुनील यादव, डीके मौर्य, गोपाल पाण्डेय सहित कई सपा कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
Varanasi: क्या है पूरा मामला जानिए यहाँ?
21 जुलाई को चोलापुर थाना (Varanasi) क्षेत्र के तेवर गांव के 18 वर्षीय कुणाल गोंड का शव नाद नदी के किनारे गोला बाईपास के पास मिला था। एक दिन पहले 20 जुलाई को वह अपने दोस्तों करण, आशीष और नन्हकू के साथ बनियापुर गया था, जहां एक मित्र का जन्मदिन मनाने के बाद देर रात घर नहीं लौटा। सुबह ग्रामीणों ने नदी किनारे कुणाल का शव देखा और परिजनों को सूचना दी।
परिजनों ने आरोप लगाया कि कुणाल की हत्या उसके ही साथ गए दोस्तों ने की, क्योंकि दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। वहीं, पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे सड़क हादसा बताया।
कुणाल के परिजनों का कहना था कि यदि यह हादसा होता तो कुणाल के साथ गए उसके दोस्तों को भी चोट आती और बाइक को भी गंभीर नुकसान होता, जबकि ऐसा कुछ नहीं मिला। इसके अलावा, कुणाल (Varanasi) के शरीर पर कई चोटों के निशान थे, जिससे हत्या की आशंका और गहरी हो गई।