वाराणसी (Varanasi) के सिगरा थाना अंतर्गत काशी विद्यापीठ में छात्रों और फूल व्यापारियों के बीच कुछ दिन पहले हुई मारपीट के बाद छात्रों पर दर्ज हुए मुकदमों को लेकर सोमवार को छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। नाराज छात्रों ने सिगरा-कैंट मार्ग पर चक्का जाम कर दिया और मुकदमों को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने “फर्जी मुकदमा वापस करो” जैसे नारे लगाए।

घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल सिगरा थाने की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों को समझाने की कोशिश की। छात्रों का आरोप था कि पिछले 25 दिनों से उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है और उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उनका कहना था कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कई बार संपर्क किया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

छात्रों का यह भी कहना था कि विश्वविद्यालय परिसर में बाहरी फूल व्यापारी अवैध रूप से प्रवेश करते हैं और गार्डों के साथ मारपीट करते हैं। आत्मरक्षा में छात्रों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन उल्टा उनके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया। जब तक निर्दोष छात्रों पर से मुकदमा नहीं हटता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

Varanasi: क्या बोले डीसीपी
डीसीपी गौरव बंशवाल ने जानकारी दी कि हाल ही में कैंपस के बाहर अतिक्रमण हटाने के दौरान गार्ड और व्यापारियों के बीच मारपीट हुई थी, जिसमें छात्रों ने हस्तक्षेप किया था। प्रदर्शन के बाद छात्रों को आश्वासन दिया गया है कि जिन छात्रों का नाम गलत तरीके से मुकदमे में शामिल किया गया है, उन्हें हटा दिया जाएगा। जो छात्र घटना के समय विश्वविद्यालय में मौजूद नहीं थे, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।