Varanasi: मंगलवार को स्वामी जितेन्द्रानन्द ने काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का विधिवत दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने कुम्भा महादेव मंदिर और जलासेन घाट क्षेत्र का भ्रमण कर वहां चल रहे काशी विश्वनाथ कॉरिडोर विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने वायरल वीडियो में टूटने वाले मंदिर कुम्भा महादेव मंदिर का भी दौरा किया। निरीक्षण के दौरान स्वामी जितेन्द्रानन्द ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से यह झूठा प्रचार किया जा रहा है कि कुम्भा महादेव मंदिर (Varanasi) को तोड़ दिया गया है, जबकि वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने बताया कि कुम्भा महादेव मंदिर पूरी तरह सुरक्षित और अपने मूल स्वरूप में मौजूद है।
Varanasi: कॉरिडोर के अंतर्गत विकास कार्य
स्वामी ने कहा कि जलासेन घाट (Varanasi) पर काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के अंतर्गत विकास कार्य कराए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाना है। इस क्षेत्र में नया शवदाह स्थल विकसित किया जाएगा, ताकि धार्मिक परंपराओं का विधिवत और सुव्यवस्थित ढंग से पालन हो सके। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग पहले काशी विश्वनाथ (Varanasi) कॉरिडोर का विरोध कर रहे थे, वही अब AI के सहारे भ्रामक तस्वीरें और सूचनाएं फैलाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे झूठे प्रचार से आम श्रद्धालुओं में भ्रम फैलाया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
स्वामी जितेन्द्रानन्द ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे किसी भी भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें और सच्चाई जानने के लिए आधिकारिक व वास्तविक तथ्यों पर ही भरोसा करें। साथ ही उन्होंने कहा कि जिस प्रधानमंत्री ने 500 वर्षों के संघर्ष के सफलता दिलाई, जिसके काल खंड में राम मंदिर का विशाल रूप बना। सोमनाथ से लेकर के कामाख्या तक जन्नोधर हुआ हो ऐसे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पर आक्षेप लगा औरंगजेब बोलना भुत ही गन्दी और निचली स्तर की राजनीति है। जिसे धर्माचार्य सहने वाला नहीं हैं।

