वाराणसी (Varanasi) के गंगा घाट पर नौका विहार कर रहे सैलानियों का रोमाचित पल अचानक से दहशत में उस वक़्त बदल गया, जब ललिता घाट के सामने गंगा नदी में एक नाव अचानक तेज धार में फंस गई, जिसमें करीब 20 पर्यटक सवार थे। तेज हवा और उफनती धारा के बीच नाव का संतुलन बिगड़ने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
Varanasi: जानिए पूरी घटना
घटना मंगलवार के दोपहर लगभग 1 बजे की है। बताया जा रहा है कि विभिन्न राज्यों से आए ये सैलानी गंगा आरती स्थल के पास नौका विहार कर रहे थे। तभी अचानक हवाओं का रुख तेज हुआ और नदी का प्रवाह बढ़ गया। नाविक (Varanasi) ने कई बार कोशिश की, लेकिन धारा इतनी प्रबल थी कि नाव बीच मझधार में थम गई। नाव डगमगाने लगी और उस पर बैठे लोगों ने घबराकर जोर-जोर से मदद के लिए पुकारना शुरू कर दिया।
उसी वक्त गंगा (Varanasi) में गश्त पर मौजूद एनडीआरएफ की टीम ने खतरे का संकेत पहचान लिया। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो मोटर बोटों के जरिए राहत अभियान शुरू किया। कुछ ही मिनटों में गोताखोरों और बचावकर्मियों ने नाव तक पहुंच अपनी बनाई। सुरक्षा उपकरणों की मदद से एक-एक कर सभी यात्रियों को सुरक्षित दूसरी नावों में बैठाया गया और सभी को ललिता घाट तक सकुशल पहुंचाया गया।
एनडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई से कोई भी जनहानि नहीं हुई। पर्यटकों ने टीम के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि यदि मदद देर से मिलती तो स्थिति भयावह हो सकती थी।
घटना के बाद जल पुलिस ने गंगा में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। चेतावनी जारी करते हुए अधिकारियों ने कहा कि मौसम खराब होने पर किसी भी नाव को नदी में उतरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने फिलहाल छोटी नावों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। केवल मोटरबोट (Varanasi) से ही आवागमन की अनुमति है और सभी नाव यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य किया गया है।
गंगा (Varanasi) में लगातार दो पुलिस टीम और एनडीआरएफ के जवान निगरानी पर तैनात हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत कार्य किया जा सके।

