सूरत (Surat) के लालगेट इलाके में रविवार रात गणेश उत्सव के दौरान 6 युवकों ने एक पंडाल पर पथराव किया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया। इसके विरोध में हजारों लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने लगे। पुलिस ने पथराव करने वाले सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही पथराव का समर्थन करने वाले 27 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोग विशेष धर्म से संबंधित हैं, जिससे दोनों समुदायों के बीच झड़प की स्थिति पैदा हो गई। इस दौरान कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई और कुछ स्थानों पर आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं।
स्थिति को नियंत्रित करने पहुंचे स्थानीय विधायक कांति बलर और पुलिस अधिकारियों के साथ भी धक्का-मुक्की हुई, जिसमें DCP विजय सिंह गुर्जर सहित एक अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। पूरे शहर में शांति बनाए रखने के लिए लगभग 1000 पुलिस जवानों की तैनाती की गई।
Surat: पुलिस ने हिंसा रोकने के लिए चलाया सघन चेकिंग अभियान
पुलिस ने तीन प्रमुख कदम उठाए, जिनमें ड्रोन से निगरानी, लाठीचार्ज, और पथराव करने वालों की पहचान कर गिरफ्तारी शामिल है। इसके अलावा, संभावित हिंसा को रोकने के लिए पुलिस ने विभिन्न इलाकों में सघन तलाशी अभियान भी चलाया।
गणेश पंडाल की आयोजक मनीषाबेन ने बताया कि पथराव के बावजूद गणेश मूर्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ। वहीं, गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने कहा कि शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विश्व हिंदू परिषद के सूरत नगर मंत्री नीलेश अकबरी ने पथराव की घटना की निंदा करते हुए कहा कि इसमें छोटे बच्चों का भी इस्तेमाल किया गया, जैसे जम्मू-कश्मीर में होता था। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।