Waqf Amendment Bill LIVE: लोकसभा ने बुधवार रात वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को बहुमत से पारित कर दिया। मतदान में 288 सांसदों ने विधेयक के पक्ष में, जबकि 232 ने विरोध में वोट डाला। विपक्ष द्वारा पेश किए गए सभी संशोधन ध्वनि मत से खारिज कर दिए गए। विपक्षी सांसद एनके प्रेमचंद्रन के संशोधन प्रस्ताव को भी 231 के मुकाबले 288 मतों से अस्वीकार कर दिया गया। लोकसभा में विधेयक पर 12 घंटे से अधिक समय तक बहस हुई। अब इसे राज्यसभा में पेश किया गया है, जहां चर्चा जारी है।
महिलाओं की संपत्ति पर वक्फ का अधिकार नहीं होगा – रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने चर्चा के दौरान बताया कि भारत में वक्फ संपत्तियों की संख्या विश्व में सबसे अधिक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वक्फ बोर्ड (Waqf Amendment Bill LIVE) की संपत्तियों को संशोधित कानून के तहत ट्रैक किया जाएगा, जिससे गरीब मुस्लिमों को लाभ मिलेगा। रिजिजू ने कहा कि महिलाओं की संपत्तियों को वक्फ संपत्ति घोषित नहीं किया जा सकेगा। विधवा और अनाथ बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह प्रावधान किया गया है।
यूपीए सरकार में 123 प्रीमियम संपत्तियां वक्फ बोर्ड को देने का मामला
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि 2013 में यूपीए सरकार ने दिल्ली के प्रमुख इलाकों में स्थित 123 संपत्तियों को डी-नोटिफाई कर वक्फ बोर्ड को सौंप दिया, जबकि उन पर अदालत में केस लंबित थे। इनमें सीजीओ कॉम्पलेक्स समेत कई महत्वपूर्ण संपत्तियां शामिल हैं। नए संशोधन के तहत पांच साल तक इस्लाम का पालन करने वाला व्यक्ति ही संपत्ति को वक्फ घोषित कर सकता है।
Waqf Amendment Bill LIVE: वक्फ बोर्ड में संतुलित प्रतिनिधित्व की कोशिश
रिजिजू ने कहा कि वक्फ बोर्ड (Waqf Amendment Bill LIVE) को समावेशी बनाने के लिए सभी मुस्लिम वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
- वक्फ काउंसिल में 22 सदस्य होंगे, जिनमें 3 सांसद और 10 मुस्लिम समुदाय के सदस्य होंगे।
- कम से कम 2 महिला सदस्य अनिवार्य रूप से शामिल होंगी।
- गैर-मुस्लिम सदस्यों की संख्या 4 से अधिक नहीं होगी।
- दो पूर्व न्यायाधीश, सचिव स्तर के अधिकारी और चार प्रतिष्ठित हस्तियां भी बोर्ड का हिस्सा होंगी।
‘धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप का सवाल ही नहीं’ – सरकार का रुख स्पष्ट
केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि मुस्लिमों के धार्मिक मामलों में गैर-मुस्लिमों का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा।
- वक्फ बोर्ड केवल संपत्तियों के प्रबंधन के लिए है, न कि धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप के लिए।
- यदि कोई मुसलमान ट्रस्ट बनाकर अपनी संपत्ति का प्रबंधन करना चाहता है, तो उसे वक्फ बोर्ड में शामिल करने की कोई बाध्यता नहीं है।
- मुतवल्ली (संपत्ति के देखरेखकर्ता) पर निगरानी के लिए वक्फ बोर्ड का गठन किया गया है।
2013 और 2024 की संयुक्त संसदीय समितियों (जेपीसी) की तुलना
रिजिजू ने 2013 और 2024 में बनी संयुक्त संसदीय समितियों (जेपीसी) के कार्य में अंतर बताते हुए कहा:
- 2013 की जेपीसी में 13 सदस्य थे, जबकि 2024 की जेपीसी में 31 सदस्य शामिल हैं।
- इस बार 36 बैठकें आयोजित हुईं, जबकि 2013 में केवल 22 बैठकें हुई थीं।
- पहले सिर्फ 14 राज्यों से चर्चा की गई थी, लेकिन इस बार 25 राज्यों और कई संगठनों से सुझाव लिए गए।
- समिति के सदस्यों ने इस बार 10 शहरों का दौरा कर वक्फ संपत्तियों (Waqf Amendment Bill LIVE) की स्थिति का आकलन किया।
राज्यसभा में चर्चा जारी, कांग्रेस और सरकार आमने-सामने
वक्फ संशोधन विधेयक पर आज राज्यसभा में चर्चा हो रही है। कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन पार्टी की तरफ से बहस की शुरुआत करेंगे। सैयद नासिर हुसैन कांग्रेस संसदीय समिति के राज्यसभा में पार्टी व्हिप भी हैं। सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill LIVE) पर चर्चा की शुरुआत किया।
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