Udvartana Massage: आयुर्वेद, चिकित्सा की एक प्राकृतिक प्रणाली है। आयुर्वेद शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन बनाकर बीमारियों का इलाज करता है। इसमें किसी भी बीमारी का इलाज करने के लिए प्राकृतिक तरीकों को आजमाया जाता है। इसमें अलग-अलग जड़ी-बूटियों, मसाज, थेरेपी, दवाइयों और चूर्ण का इस्तेमाल किया जाता है। आयुर्वेदाचार्य बीमारी की जड़ को समझकर उसका इलाज करते हैं। इसके लिए वे रोगी को तरह-तरह की दवाइयां देते हैं। साथ ही, थेरेपी या मसाज लेने की सलाह भी दे सकते हैं।
क्या है उद्वर्तन?
उद्वर्तन पद्धति आयुर्वेद की एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें गर्दन से नीचे मालिश होती है।इस पद्धति के दौरान बालों की दिशा से उल्टी दिशा की ओर हल्के प्रेशर के साथ मसाज किया जाता है।तेल के साथ हर्बल पाउडर को मिला कर मसाज किया जाता है।इसके कई अलग-अलग प्रकार भी होते हैं, जैसे- स्निग्धा, उदगर्षण और उत्सादन आदि।
उद्वर्तन कैसे होता है?
इस तरह की मालिश खाली पेट और नहाने से पहले की जाती है।
सुबह-सुबह खाली पेट इस मसाज को करना बेहतर होता है।
सबसे पहले कमर के बल लिटा कर थेरेपिस्ट मसाज करते हैं।
फिर साइड की मसाज की जाती है और फिर पीठ के बल लिटाया जाता है।
गले से नीचे की सारी बॉडी की मसाज होती है।
उद्वर्तन के स्वास्थ्य फायदे
1) बॉडी फैट होता है कम
इस मसाज की तकनीक और इसमें प्रयोग होने वाली जड़ी बूटियां बॉडी फैट कम करने में हेल्प करती हैं।इससे बीएमआई (BMI) बैलेंस रहने में भी लाभ मिलता है।मोटापा दूर करने में ये मसाज कारगर है।
2) स्ट्रेस कम होता है
उद्वर्तन में होने वाली मालिश मन के साथ ही शरीर को भी शांत करती है।इससे काफी हल्का और स्ट्रेस फ्री महसूस होता है।नींद भी काफी अच्छी आती है, जिससे तनाव दूर होता है।
3) स्किन के लिए लाभदायक
उद्वर्तन में प्रयोग होने वाले पाउडर स्किन को काफी मुलायम और चमकदार बना सकते हैं। इससे स्किन में जमी गंदगी दूर होती है और त्वचा बेहद साफ और दमकती हुई दिखने लगती है।
Anupama Dubey