Namansh Syal: अभी हाल ही में दुबई एयरशो के दौरान भारतीय वायुसेना का तेजस लड़ाकू विमान प्रदर्शन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में तेजस के पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल शहीद हो गये और इस बात की पुष्टि भारतीय वायुसेना ने की है। आइये जानते हैं दुबई एयरशो में अपनी जान गवां देने वाले विंग कमांडर नमांश स्याल…

कौन थें विंग कमांडर Namansh Syal
हिमाचल प्रदेश के नगरोटा बगवां के निवासी विंग कमांडर स्याल वायुसेना में अपने अनुशासन और उत्कृष्ट सेवा रिकॉर्ड के लिए मशहूर थे। उन्होंने सैनिक स्कूल सुजानपुर टीरा से शिक्षा ग्रहण की थी। परिवार में उनके माता-पिता, उनकी वायुसेना अधिकारी पत्नी और छह वर्षीय बेटी हैं। नामांश स्याल (Namansh Syal) के पिता जगन नाथ आर्मी में सेवा देने के बाद हिमाचल के शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल रहे। हादसे के समय उनकी मां बीना देवी हैदराबाद में थीं, जबकि स्याल परिवार का घर कई दिनों से बंद बताया जा रहा है।

तेजस के क्रैश होने की वजह क्या थी?
स्थानिय समयानुसार दोपहर 2 बजकर 8 मिनट पर तेजस जेट स्टंट के दौरान दर्शकों को रोमांचित कर रहा था, तभी कुछ ही पलों में विमान जमीन पर गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। तेजस का सुरक्षा रिकॉर्ड अब तक लगभग फ्लालेस माना जाता रहा है, और इसके 24 वर्ष के इतिहास में यह केवल दूसरी दुर्घटना है।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, हादसे से पहले तेजस ‘बैरल रोल’ नामक एक उड़ान करतब का प्रयास कर रहा था, जिसमें विमान घूमकर ऊपर उठता है। यह मैनूवर कठिन नहीं माना जाता, लेकिन पायलट (Namansh Syal) के कुछ क्षण उल्टा रहने के कारण अत्यधिक सटीकता की आवश्यकता होती है।

माना जा रहा है कि तेजस एक परफेक्ट लूप पूरा नहीं कर सका। जेट शायद जमीन के बहुत करीब था, और पर्याप्त गति नहीं होने के कारण वह ऊपर उठने में असफल रहा। नतीजतन, विमान मैनूवर पूरा नहीं कर पाया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया। तेजस की सुरक्षा क्षमता और उसके बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए यह हादसा विशेषज्ञों और वायुसेना दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। हादसे की विस्तृत जांच जारी है।

