• #69224 (no title)
  • #69281 (no title)
  • Web Story
  • होम
Hindi News,Breaking News, Latest News, Political News
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Hindi News,Breaking News, Latest News, Political News
No Result
View All Result

Pitru Paksha 2024: कल से शुरू होगा पितृपक्ष, प्रतिदिन दो हजार पितरों का होगा श्राद्ध, मोक्ष नगरी काशी में दान, पुण्य का भी है विशेष महत्व

by Abhishek Seth
September 18, 2024
in वाराणसी, धर्म कर्म
0
Pitru Paksha 20
0
SHARES
3
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

Pitru Paksha 2024: काशी को सदियों से “मोक्ष नगरी” के नाम से जाना जाता है, जहां यह मान्यता है कि यहां की धार्मिक गतिविधियों से आत्मा को मोक्ष प्राप्त होता है। पितृपक्ष के दौरान काशी के विभिन्न पवित्र स्थलों, जैसे कि पिशाचमोचन कुंड, मणिकर्णिका घाट और दशाश्वमेध घाट, पर पिंडदान और तर्पण का विशेष महत्व होता है। श्रद्धालु यहां अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए पूजा-अर्चना करते हैं। इस वर्ष पितृपक्ष की शुरुआत 18 सितंबर बुधवार से हो रही है, और इसके लिए भक्तों का आगमन शुरू हो गया है।

Pitru Paksha: पिशाचमोचन कुंड का पितृपक्ष में विशेष महत्व

पितृपक्ष के दौरान पिशाचमोचन कुंड का अत्यधिक धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि यहां पिंडदान और तर्पण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है, और वे जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाते हैं। इस कुंड के साथ जुड़ी कई पौराणिक कथाएं इसे विशेष बनाती हैं।

Pitru Paksha 2024
पौराणिक कथा: पिशाचमोचन कुंड का उद्गम

पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक राजा ने अनजाने में कई ब्राह्मणों की हत्या कर दी थी, जिससे उन पर गंभीर पाप का दोष लग गया। मुक्ति की खोज में उन्होंने भगवान शिव की शरण ली। भगवान शिव ने उन्हें पिशाचमोचन कुंड में स्नान करने और तर्पण करने की सलाह दी। राजा ने निर्देशानुसार कुंड में स्नान किया और तर्पण किया, जिससे उन्हें पाप से मुक्ति मिली। इस घटना के बाद से ही यह कुंड पितृ दोष और अन्य पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाने लगा।

पितृपक्ष में काशी के धार्मिक अनुष्ठान

पितृपक्ष के दौरान काशी में श्रद्धालु विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करते हैं, जिनमें मुख्य रूप से तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध और गंगा स्नान शामिल हैं। ये सभी अनुष्ठान पितरों की आत्मा की शांति और उनकी मुक्ति के लिए किए जाते हैं।

  1. तर्पण: पितरों को शांति प्रदान करने के लिए तर्पण एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। इसमें जल में तिल मिलाकर उसे सूर्य देव और पितरों को अर्पित किया जाता है। यह अनुष्ठान पितरों की आत्मा को संतुष्टि प्रदान करता है और वे अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं।
  2. पिंडदान: पिंडदान पितृपक्ष के प्रमुख कर्मों में से एक है। इसमें चावल, तिल और जौ से बने पिंड पितरों की आत्मा को अर्पित किए जाते हैं। काशी के विभिन्न घाटों, विशेषकर मणिकर्णिका और दशाश्वमेध घाट, पर पुरोहित पिंडदान की विशेष व्यवस्था करते हैं।
  3. श्राद्ध: श्राद्ध एक विस्तृत कर्मकांड है जिसमें पितरों के नाम से ब्राह्मणों को भोजन कराया जाता है। यह विश्वास है कि इस दिन पितरों को दिया गया भोजन उन्हें सीधे प्राप्त होता है, जिससे उनकी आत्मा तृप्त होती है।
  4. गंगा स्नान: पितृपक्ष के दौरान गंगा स्नान का विशेष महत्व है। श्रद्धालु गंगा के पवित्र जल में स्नान कर अपने पापों से मुक्ति प्राप्त करते हैं और पितरों के तर्पण के लिए जल अर्पित करते हैं।

काशी के प्रमुख धार्मिक स्थल

पितृपक्ष के दौरान काशी के पिशाचमोचन कुंड के अलावा अन्य धार्मिक स्थलों का भी महत्वपूर्ण स्थान है। इनमें मणिकर्णिका घाट, दशाश्वमेध घाट, और अस्सी घाट प्रमुख हैं। इन स्थानों पर श्रद्धालु अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और पिंडदान करते हैं।

  1. मणिकर्णिका घाट: काशी का सबसे प्राचीन और पवित्र घाट, मणिकर्णिका घाट, मृत्यु के बाद मोक्ष प्राप्ति का प्रमुख स्थल माना जाता है। पितृपक्ष के दौरान यहां विशेष तर्पण और पिंडदान किए जाते हैं।
  2. दशाश्वमेध घाट: यह घाट अपने भव्य गंगा आरती और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए प्रसिद्ध है। पितृपक्ष के समय श्रद्धालु यहां तर्पण और पिंडदान करने आते हैं।
  3. अस्सी घाट: अस्सी घाट का शांत वातावरण पितरों के तर्पण और पिंडदान के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है। पितृपक्ष के दौरान यहां श्रद्धालु गंगा स्नान के साथ तर्पण और पिंडदान करते हैं।

पितृ दोष निवारण और काशी की भूमिका

पितृपक्ष का मुख्य उद्देश्य पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष प्राप्ति है, लेकिन यह पितृ दोष निवारण के लिए भी महत्वपूर्ण समय है। पितृ दोष तब उत्पन्न होता है जब पूर्वजों की आत्मा को मोक्ष नहीं मिलता या वे अशांत रहते हैं। काशी में पिशाचमोचन कुंड और मणिकर्णिका घाट पर तर्पण और पिंडदान करने से पितृ दोष का निवारण होता है, जिससे व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

काशी में पितृपक्ष का धार्मिक वातावरण

पितृपक्ष के दौरान काशी का वातावरण पूरी तरह से धार्मिक आस्था और श्रद्धा से भर जाता है। हर गली-कोने में पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और पिंडदान होते हैं। यह समय हमारे पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता और उनकी आत्मा की शांति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है।

पितृपक्ष में दशाश्वमेध घाट के पुरोहित का संदेश

दशाश्वमेध घाट के प्रमुख पुरोहित विशाल औढेकर कहते हैं, “जो व्यक्ति काशी नहीं आ पाता, वह अपने घर की छत पर भी तर्पण कर सकता है। उसका जल तुलसी के पौधे अथवा मिट्टी में अर्पित किया जा सकता है। जिन्हें पितरों की तिथि नहीं मालूम, वे अमावस्या पर तर्पण कर सकते हैं।”

Highlights

  • Pitru Paksha: पिशाचमोचन कुंड का पितृपक्ष में विशेष महत्व
  • पौराणिक कथा: पिशाचमोचन कुंड का उद्गम
  • पितृपक्ष में काशी के धार्मिक अनुष्ठान
  • काशी के प्रमुख धार्मिक स्थल
  • पितृ दोष निवारण और काशी की भूमिका
  • काशी में पितृपक्ष का धार्मिक वातावरण
  • पितृपक्ष में दशाश्वमेध घाट के पुरोहित का संदेश
  • पितृपक्ष के समय काशी में किए गए तर्पण और पिंडदान न केवल पितरों की आत्मा को संतोष और मोक्ष प्रदान करते हैं, बल्कि श्रद्धालुओं को भी जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति होती है। काशी की पवित्रता और यहां के धार्मिक स्थलों का महत्व इस पर्व को और भी विशेष बनाता है।

    Subscribe our channel

    Related Posts:

    • Pishachmochan-kund
      Pishachmochan Kund: गंगा अवतरण के पहले ही हुई थी…
    • Mystery of Pishachamochan Kund
      Mystery of Pishachamochan Kund : पिशाचमोचन कुंड…
    • India
      India : जानिए भारत का नाम "भारत" कैसे पड़ा और कैसी…
    • varanasi
      Varanasi: पितृ विसर्जन पर काशीवासियों ने गंगा स्नान…
    • Pitru Paksh
      Pitru Paksh: सप्तमी तिथि पर पितरों के लिए किया गया…
    • varanasi
      Varanasi: पीपल के पेड़ पर सिक्का चिपकाकर चुकाया जाता…
    Previous Post

    Buldozer Action: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बिना अनुमति 1 अक्टूबर तक नहीं होगी इमारतों पर बुलडोजर कार्रवाई

    Next Post

    Banaras Flood: घटने लगा गंगा का जलस्तर, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत, चेतावनी बिंदु से 56 सेमी ऊपर बह रहा गंगा का पानी

    Next Post
    Banaras Flood

    Banaras Flood: घटने लगा गंगा का जलस्तर, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत, चेतावनी बिंदु से 56 सेमी ऊपर बह रहा गंगा का पानी

    Web Stories

    10 Things to know about The Kerala Story
    Rashifal: 21 अप्रैल से वृहस्पति बदलेंगे अपनी चाल, राशियों पर पड़ेगा बड़ा प्रभाव
    ब्लैक साड़ी में खुबसूरत दिखीं South Actress Keerthy Suresh
    गोल्डन लहंगे में दुल्हन बनीं एक्ट्रेस Mrunal Thakur
    बदलने वाली है ग्रहों की चाल, राशियों पर पड़ेगा ये प्रभाव

    Recent Posts

    • Varanasi: कांवड़ियों को कार ने रौंदा, एक की मौत, तीन घायल, मार्कंडेय महादेव जा रहे थे श्रद्धालु
    • Sonbhadra: खेत में उगाया ‘लाल सोना’, 4 एकड़ में 7,200 पौधों से 36 टन ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन
    • Varanasi: महेशपुर में बनेगा फुट ओवरब्रिज, पीडब्ल्यूडी ने शुरू किया जगह का मंथन
    • N. Chandrasekaran नही संभालेंगे अपना तीसरा कार्यभार, टाटा ट्रस्ट्स ने फैसले का किया सम्मान
    • कथावाचक Pradeep Mishra ने किए बाबा विश्वनाथ के दर्शन, कहा- पहले काशी में थी शांति, अब बढ़ गई भीड़
    • Varanasi में अगले 6 दिन सक्रिय रहेगा मानसून, गंगा का जलस्तर घटा, नाव संचालन शुरू
    • Sawan के दूसरे सोमवार पर उमड़ा आस्था का सैलाब, बाबा विश्वनाथ के धाम में लंबी कतार, जलाभिषेक के लिए मिल रहा महज 1 सेकेंड
    • Sonbhadra: सफारी की चपेट में आकर 4 वर्षीय बच्ची घायल, आक्रोशित लोगों ने किया चक्का जाम, घंटों रहा आवागमन बाधित
    • Varanasi: सावन के दूसरे सोमवार पर मार्कंडेय महादेव मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, जलाभिषेक के लिए लगी लंबी कतार
    • Varanasi Temple: केदारनाथ न जा सकें तो काशी आइए! गौरी केदारेश्वर के दर्शन से मिलता है समान पुण्य, खिचड़ी भोग की अनोखी परंपरा

    Categories

    About Us

    Jansandesh Times

    Category

    • अजब गजब
    • अपराध
    • अयोध्या
    • आजमगढ़
    • उत्तर प्रदेश
    • एजुकेशन
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटोमोबाइल
    • कानपुर
    • खान-पान
    • खेल
    • गाजीपुर
    • गोरखपुर
    • चंदौली
    • जौनपुर
    • टीवी
    • टेक्नोलॉजी
    • टॉलीवुड
    • ट्रैवेल
    • दिल्ली
    • देश-विदेश
    • धर्म कर्म
    • प्रयागराज
    • फैशन
    • फ़ोटो गैलरी
    • बलिया
    • बिज़नेस
    • बॉलीवुड
    • भदोही
    • भोजपुरी
    • मऊ
    • मिर्जापुर
    • मूवी रिव्यु
    • राजनीति
    • राज्य
    • लखनऊ
    • लाइफस्टाइल
    • वाराणसी
    • वेब सीरीज
    • साइंस
    • सोनभद्र
    • स्पेशल स्टोरी
    • स्वास्थ्य
    • हेल्थ
    • हॉलीवुड

    Recent Posts

    • Varanasi: कांवड़ियों को कार ने रौंदा, एक की मौत, तीन घायल, मार्कंडेय महादेव जा रहे थे श्रद्धालु
    • Sonbhadra: खेत में उगाया ‘लाल सोना’, 4 एकड़ में 7,200 पौधों से 36 टन ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन
    • Varanasi: महेशपुर में बनेगा फुट ओवरब्रिज, पीडब्ल्यूडी ने शुरू किया जगह का मंथन
    • N. Chandrasekaran नही संभालेंगे अपना तीसरा कार्यभार, टाटा ट्रस्ट्स ने फैसले का किया सम्मान
    • कथावाचक Pradeep Mishra ने किए बाबा विश्वनाथ के दर्शन, कहा- पहले काशी में थी शांति, अब बढ़ गई भीड़
    • #69224 (no title)
    • #69281 (no title)
    • Web Story
    • होम

    © 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.

    No Result
    View All Result
    • #69224 (no title)
    • #69281 (no title)
    • Web Story
    • होम

    © 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.

    10 Things to know about The Kerala Story Rashifal: 21 अप्रैल से वृहस्पति बदलेंगे अपनी चाल, राशियों पर पड़ेगा बड़ा प्रभाव ब्लैक साड़ी में खुबसूरत दिखीं South Actress Keerthy Suresh गोल्डन लहंगे में दुल्हन बनीं एक्ट्रेस Mrunal Thakur बदलने वाली है ग्रहों की चाल, राशियों पर पड़ेगा ये प्रभाव