UP में कांग्रेस पार्टी ने बड़ा बदलाव कर दिया हैं। इस बदलाव में कांग्रेस के आलाकमान ने रामपुर खास सीट से पार्टी की विधायक आराधना मिश्रा मोना को यूपी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जिसके बाद इस पद से अजय राय की छुट्टी हो गई है। शुक्रवार (2 अक्टूबर) को कांग्रेस अध्यक्ष ने तत्काल प्रभाव से उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नए पदाधिकारियों की नियुक्ति के साथ इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया। वहीं देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौपी गई है।

इस दौरान UP कांग्रेस पार्टी ने अजय राय के योगदान की सराहना करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने चौधरी वीरेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। ये नियुक्तियां यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले हुई हैं।
लगातार तीन बार की विधायक
आपको बतादें कि इस नियुक्ति से तस्वीर साफ है कि कांग्रेस की नजर आधी आबादी और ब्राह्मण वोट पर है। दरअसल, आराधना मिश्रा राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। प्रमोद तिवारी UP में बड़े ब्राह्मण नेताओं में शुमार होते हैं। वहीं आराधना यूपी कांग्रेस का प्रमुख महिला चेहरा हैं। यूपी विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता हैं। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से स्नातक किया। MBA भी की। और फिर पॉलिटिक्स में उतरी जिसमें उनको रामपुर खास सीट से लगातार 3 बार विधायक चुनी गई।
UP अजय राय को क्यों हटाया गया?
दरअसल, अजय राय और UP कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था। दोनों नेताओं ने भले ही मतभेदों को खारिज किया हो लेकिन सियासी कॉरिडोर में इसकी चर्चा हो रही थी।
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बतादें चलें कि अजय राय भूमिहार जाति से आते हैं और यूपी में इस समुदाय के ज्यादा वोटर नहीं हैं। इसलिए चुनाव से पहले सामाजिक समीकरण साधना हर पार्टी के लिए बेहद जरूरी है।
