Varanasi: ऑनलाइन खरीदारी के बढ़ते चलन के बीच स्थानीय फुटकर दुकानदारों के समर्थन में समाजवादी व्यापार सभा ने बुधवार को वाराणसी में ग्राहक जागरूकता पदयात्रा निकाली। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ऑनलाइन ई-कॉमर्स कंपनियों के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई और लोगों से अपने आसपास की दुकानों से सामान खरीदने की अपील की।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मंशा और समाजवादी व्यापार सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष जगन अग्रवाल की सहमति से प्रदेशव्यापी अभियान के तहत यह कार्यक्रम (Varanasi) आयोजित किया गया। पदयात्रा का आयोजन प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल के आह्वान पर हुआ। इसका नेतृत्व वाराणसी जिलाध्यक्ष आलोक प्रकाश गुप्ता और महानगर अध्यक्ष काशी नाथ गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया।
नीचीबाग से मैदागिन तक निकली पदयात्रा
पदयात्रा की शुरुआत नीचीबाग स्थित डाकघर के सामने से हुई। यहां से कार्यकर्ता मैदागिन, मालवीय मार्केट, सप्तसागर, गोविंदपुरा और ठठेरी बाजार होते हुए आगे बढ़े। शहर (Varanasi) के प्रमुख पारंपरिक बाजारों से गुजरी इस पदयात्रा में कार्यकर्ताओं ने स्थानीय व्यापार को बचाने के समर्थन में नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर ‘ऑनलाइन खरीदारी बंद करो, फुटकर दुकानदारों को भी जीने दो’ जैसे संदेश लिखे थे। कार्यकर्ताओं (Varanasi) ने अलग-अलग टोलियां बनाकर दुकानदारों, व्यापारियों और ग्राहकों से संपर्क किया। उन्होंने लोगों से ऑनलाइन कंपनियों के बजाय स्थानीय दुकानों से खरीदारी को प्राथमिकता देने की अपील की।
छोटे दुकानदारों की आजीविका पर असर: प्रदीप जायसवाल
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल ने कहा कि ऑनलाइन खरीदारी का बढ़ता चलन छोटे दुकानदारों और पारंपरिक बाजारों के कारोबार को प्रभावित कर रहा है। इसका असर उन लाखों परिवारों की आजीविका पर भी पड़ता है, जो छोटे व्यापार से जुड़े हैं।
उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद स्थानीय दुकानदार ग्राहकों को बेहतर और भरोसेमंद सेवाएं देते हैं। ऐसे में स्थानीय बाजारों (Varanasi) को मजबूत बनाए रखने के लिए ग्राहकों की भागीदारी जरूरी है।
Varanasi: स्थानीय बाजार में खर्च होने वाला पैसा क्षेत्र में ही रहता है
समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव और वाराणसी मंडल प्रभारी मुरलीधर जायसवाल ने कहा कि ग्राहक केवल सामान खरीदने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का अहम हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि जब लोग अपने क्षेत्र के बाजारों से खरीदारी करते हैं, तो पैसा स्थानीय कारोबार के जरिए शहर (Varanasi) में ही बना रहता है। इससे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने में मदद मिलती है।
जिला संगठन प्रभारी राजकुमार यादव और महानगर संगठन प्रभारी संजीव जायसवाल ने कहा कि संगठन छोटे और मध्यम व्यापारियों (Varanasi) के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाता रहेगा।
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उन्होंने कहा कि स्थानीय बाजारों की रौनक बनाए रखने और फुटकर दुकानदारों की रोजी-रोटी से जुड़े सवालों पर आगे भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
