“अच्छा सोचो, अच्छा बोलो और अच्छा करो, यही जीवन का सार है।” इसी संदेश के साथ रविवार को वाराणसी के सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में नारायण रेकी सत्संग परिवार वाराणसी NRSP की ओर से विशेष सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रीमती राजेश्वरी मोदी जी ‘दीदी’ ने आये लोगों को जीवन में सकारात्मक सोच, प्रेम, संतोष और खुशियों का महत्व समझाया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीदी के भव्य स्वागत के साथ हुई। स्वागत गीत और संगीत की प्रस्तुति के बीच महिलाओं ने 21 बार राम नाम का जाप करते हुए राजेश्वरी मोदी दीदी का स्वागत किया। दीदी जब सीढ़ियों से उतरते हुए सभागार की ओर पहुंचीं तो पूरा वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

इस दौरान ‘वारी जा वे री’ सहित भक्ति गीतों की प्रस्तुति भी दी गई। मंच पर 14 साधिकाओं को आमंत्रित किया गया, जिन्होंने दीदी के सामने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से आध्यात्मिक और संस्कारों से जुड़ा संदेश प्रस्तुत किया।

21 बार राम-राम के जाप से गूंजा परिसर
इसके बाद सभी लोगों ने एक साथ 21 बार ‘राम-राम’ का जाप किया। मंत्रोच्चार के बाद संध्या दीदी, विद्या दीदी, और अरविंद कुमार भलोटिया जी के साथ दीप प्रज्वलित कर (NRSP) कार्यक्रम को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया गया। इसके बाद मौजूदा सभी लोगों ने राष्ट्रगान जन गण मन को गाया और भारत माता की जय के नारे भी लगाये।

इसके साथ ही (NRSP) कार्यक्रम में पटना और गोरखपुर से पहुंचीं साधिकाओं का भी विशेष स्वागत किया गया। राजेश्वरी मोदी दीदी ने उन्हें आशीर्वाद दिया। वहीं अनिता भलोटिया जी ने अंगवस्त्र पहनाकर दीदी का स्वागत किया। इस दौरान विद्या दीदी और संध्या दीदी का भी स्वागत किया गया।

इसके बाद सभा को संबोधित करते हुए राजेश्वरी मोदी दीदी ने आयोजन के लिए अनिता भलोटिया का धन्यवाद किया। साथ ही वाराणसी में कार्यक्रम को सफल बनाने वाली NRSP की पूरी टीम और सभी सहयोगियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया।

छोटी-छोटी खुशियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए- राज दीदी
दीदी ने कहा कि आज वह काशी में लोगों के लिए जीवन के कुछ महत्वपूर्ण मंत्र और खुशियों का संदेश लेकर आई हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में हमारे पास जो कुछ है, उसे खुशी के साथ जीना सीखना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जिंदगी में मिलने वाली छोटी-छोटी खुशियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

“जितना जीवन मिला है, उसे उतनी ही खुशी से जीना ज्यादा महत्वपूर्ण है।” उनके अनुसार इंसान अक्सर भविष्य की चिंता में वर्तमान की खुशियों को भूल जाता है, जबकि जीवन का वास्तविक आनंद वर्तमान में रहकर ही लिया जा सकता है।
डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का किया उल्लेख
कार्यक्रम (NRSP) के दौरान दीदी ने कई प्रेरक प्रसंग भी सुनाए। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उल्लेख करते हुए उनके जीवन से जुड़ी एक प्रेरणादायक बात साझा की। उन्होंने बताया कि डॉ. कलाम प्रेम और रिश्तों के महत्व को समझते थे और उनका संदेश था कि जीवन में प्रेम बांटने के लिए समय निकालना जरूरी है।

जीवन का मूल उद्देश्य सकारात्मकता प्रेम और खुशियाँ
राजेश्वरी मोदी दीदी ने वहा आए सभी लोगों को समझाया कि जीवन में लक्ष्य भले ही अलग-अलग हों, लेकिन मनुष्य के जीवन का मूल उद्देश्य सकारात्मकता, प्रेम और खुशियों को बढ़ाना होना चाहिए।

उन्होंने वहा आए सभी लोगों को अपने व्यवहार और विचारों पर ध्यान देने की भी बात कही। उनके संदेश में यह बात प्रमुख रही कि अगर इंसान अपने विचारों को सकारात्मक रखता है, दूसरों के प्रति अच्छा व्यवहार करता है और अपने जीवन में अच्छे कर्मों को अपनाता है तो उसका जीवन अधिक शांत और खुशहाल बन सकता है।
वाणी पर नियंत्रण से ही मिलेगा कुबेर का खजाना – राज दीदी
राज दीदी ने सैकड़ो की संख्या NRSP में आये श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए कहा की इस मानव जीवन मे हमें वाणी के दुरुपयोग से बचना होगा, झूठ, आत्म प्रशंसा, निंदा स्तुति, गर्व, दोषारोपण से जितना हो सके दूर रहे। वाणी का हमेशा सदुपयोग ही करें, यह वाणी हमें बेशकीमती उपहार के रूप में मिली है, 84 लाख योनियों में सिर्फ मनुष्य योनि को ही वाणी रूपी वरदान प्राप्त है। उन्होंने कहा कि वाणी पर संतुलन हमारे तन, मन, धन और संबंध की प्रगाढ़ता से भर देगा। वाणी पर नियंत्रण ही हमें असली कुबेर के खजाने के निकट ले जायेगा।

वहीं अनीता भालोटिया ने या जानकारी भी दी कि अगले वर्ष आजमगढ़ और मऊ में भी सत्संग कार्यक्रम (NRSP) आयोजित किए जाएंगे। इस घोषणा के बाद लोगों में उत्साह देखने को मिला।
इस दौरान नारायण रेकी सत्संग परिवार वाराणसी (NRSP) की सेंट्रल हेड अनीता भालोटिया ने जन्संदेश की टीम से बात चीत में बताया कि हम लोगों ने मुंबई से राजेश्वर दीदी को आज के कार्यक्रम में बुलाया है। जो मोटिवेशनल स्पीकर है। वह लोगों को पोसिविटी पर ही अपनी स्पीच देती है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि घर में कैसे सुख शांति समृद्धि रखा जाए, कैसे हर व्यक्ति उन्नति की रह पर अग्रसर हो सकता है, कैसे तन मन धन से स्वस्थ्य रह सकता है, यह हमे दीदी बखूभी समझाती हैं और हमें इस पर चलना सिखाती हैं।

कार्यक्रम का मूल संदेश….
काशी की आध्यात्मिक धरती पर आयोजित इस (NRSP)सत्संग में भक्ति, संगीत, राम नाम के जाप और प्रेरक प्रसंगों का संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का मूल संदेश यही रहा कि जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों, सकारात्मक सोच, अच्छे कर्म और खुश रहने की कला इंसान के जीवन को बेहतर बना सकती है।
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“अच्छा सोचो, अच्छा बोलो और अच्छा करो यही जीवन का सार है।” इसी संदेश के साथ काशी में आयोजित यह (NRSP)सत्संग सकारात्मकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का संदेश छोड़ गया।

