डॉक्टर से अभिनेत्री बन अपने सच्चे जूनून को जीने वाली Dr. Suman Rana पहली बार काशी आयी। सुमन राणा एक ऐसा नाम, जिन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के साथ-साथ मॉडलिंग और अभिनय की दुनिया में भी अपनी खास जगह बनाई है। कश्मीर में जन्मीं और हिमाचल प्रदेश के राजपूत परिवार से ताल्लुक रखने वाली डॉ. सुमन राणा ने स्वास्थ्य प्रबंधन में पीएचडी की शिक्षा हासिल तो की लेकिन उसके बाद सिनेमा की दुनिया का रुख कर लिया।

काशी के जीवंत घाटो को महसूस करने वाली डॉ. सुमन राणा (Suman Rana) ने जनसंदेश टाइम्स टीम से वार्ता करते हुए बताया कि आज काशी में हमें बाबा (विश्वनाथ) ने बुलाया और आज मै जान गयी हूं कि उनके बिना आप एक कदम भी नहीं चल सकते।
काशी जीवन जीने की कला और जीवन का अंत भी है- डॉ.सुमन राणा
उन्होंने आगे कहा कि काशी पूरे विश्व में ऐसा स्थान है जहां का हर कोना आपको सकारात्मक ऊर्जा देता है। यहां आने का मतलब जीवन को रिचार्ज करना है। क्योंकि काशी में जिन्दगी शुरू होती है और अंत भी यही होता है कुछ भी कर लें अंत में तो आना काशी में ही है।
‘लेट्स मीट’ की अभिनेत्री सुमन राणा (Suman Rana) का सफर काफी अनोखा रहा। मनोरंजन जगत में कदम रखने से पहले उन्होंने स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में एक सफल करियर बनाया और पीएचडी की उपाधि भी हासिल की। हालांकि, अभिनय हमेशा से उनका सच्चा जुनून रहा है। एक विशेष बातचीत में, सुमन ने चिकित्सा क्षेत्र से फिल्मों में अपने सफर, आनलाइन प्रेम पर अपने विचारों और जीवन को पूरी तरह से जीने के अपने विश्वास के बारे में खुलकर बात की। डॉक्टर होने के साथ-साथ अभिनेत्री भी हैं। इस पर उन्होंने कहा कि मुंबई में मेरा क्लिनिक अभी है।

खुशी का पीछा करना ही आपकी सच्ची मंजिल
हालांकि, मैं नियमित रूप से वहां नहीं जाती। मेरा मानना है कि किसी भी चीज में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए आपको उसमें अपना 100% देना पड़ता है। फिलहाल मेरा पूरा ध्यान अभिनय पर है। अगर आप मुझसे इन दोनों में से किसी एक को चुनने को कहें, तो मैं अभिनय को चुनूंगी क्योंकि इससे मुझे खुशी मिलती है। मेरा मानना है कि अपनी खुशी का पीछा करना ही आपकी सच्ची मंजिल है। डॉ. सुमन राणा (Suman Rana) ने कहा कि कभी-कभी, जीवन अप्रत्याशित मोड़ लेता है, और आप समझ नहीं पाते कि ऐसा क्यों हुआ। लेकिन मेरा मानना है कि सब कुछ ब्रह्मांड द्वारा रची गई एक बड़ी योजना का हिस्सा है।
बचपन से ही आतंकवाद के कारण झेला बहुत दुख
मैं डॉक्टर इसलिए बनी क्योंकि मैं कश्मीर में पली-बढ़ी, जहाँ मैंने आतंकवाद के कारण बहुत दुख झेला। लोगों को पीड़ा में देखकर मेरे मन में जान बचाने की इच्छा जागी। लेकिन जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, हमारा नजरिया बदलता है। मैं बदल गई हूँ, और हर दिन विकसित होती जा रही हूँ। जीवन विभिन्न रुचियों को तलाशने का नाम है। अभी मैं एक अभिनेत्री हूँ, लेकिन भविष्य में मैं एक व्यवसायी या प्रेरक वक्ता भी बन सकती हूँ। जीवन एक यात्रा है, और मैं इसे पूरी तरह से जीना चाहती हूँ।
हॉस्पिटल में लगा जीवन रूक-सा गया है- Dr. Suman Rana
उन्होंने (Suman Rana) कहा कि अस्पताल में लोगों की जान बचाने से लेकर पर्दे पर कहानियों को जीवंत करने तक, सुमन राणा का सफर असाधारण है। चाहे चिकित्सा हो या अभिनय, उनका दर्शन एक ही है जीवन को पूरी तरह जियो, बदलाव को अपनाओ और अपने जुनून का पीछा करो। राजपूताना परिवार से ताल्लुक रखने वाली डॉ. सूमन राणा (Suman Rana) ने बताया कि एक ही रास्ते पर चलना जिन्दगी नहीं है। मुझे जिन्दगी जीने का शौक है, हॉस्पिटल में कार्य करते हुए लगा जीवन रूक गया है। इसलिए चलना जरुरी है।

अभिनय में हर समय जीने का मौका मिलता है। परिवार में अभी तक कोई फिल्म अभिनय में नही है। मन की बात को हमेशा मानना चाहिए, बचपन से ही इस पर तैयार हूं आज भी वहीं हो रहा है। सुमन राणा (Suman Rana) ने आगे यह भी कहा कि अगर आप ने ठान लिया कि हमें जो चाहिए उसे मिल जाता है तो प्लान ए ही आपको सफलता दिलायेगा और फिर बी प्लान की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि वह प्रियंका चोपड़ा से इंस्पायर हैं। जिस तरह से उन्होंने स्ट्रगल किया और जो मुकाम हासिल किया है, शायद ही ऐसा कोई होगा और इसीलिए उनका जीवन मुझे बहुत प्रेरित करता है।
यह भी पढ़ें: ताला बंद सामुदायिक शौचालय बना शोपीस, लाखों खर्च के बाद भी नहीं मिल रहा लाभ
डॉ. सुमन राणा (Suman Rana) की कहानी सिर्फ डॉक्टर से अभिनेत्री बनने का सफर नहीं, बल्कि अपने सपनों और जुनून को पहचानकर उन्हें जीने की प्रेरक कहानी है। कश्मीर के मुश्किल दौर से निकलकर चिकित्सा के क्षेत्र में पहचान बनाने और फिर अभिनय की दुनिया में कदम रखने तक उन्होंने हर मोड़ पर बदलाव को स्वीकार किया। काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा से प्रभावित सुमन राणा का मानना है कि जिंदगी एक ही रास्ते पर चलने का नाम नहीं, बल्कि खुद को तलाशने और अपनी खुशी के लिए आगे बढ़ने का सफर है।
