• About Us
  • EPaper
  • Private Policy
    • Private Policy
    • Fact Check Policy
    • Correction Policy
    • Editorial Policy
    • Disclaimer
    • Terms & Conditions
  • Contact Us
Friday, October 2, 2026
No Result
View All Result
Hindi News,Breaking News, Latest News, Political News
E-PAPER
english news
  • होम
  • देश-विदेश
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • वाराणसी
      • प्रयागराज
      • अयोध्या
      • लखनऊ
      • गोरखपुर
      • कानपुर
      • आजमगढ़
      • गाजीपुर
      • चंदौली
      • जौनपुर
      • बलिया
      • भदोही
      • मऊ
      • मिर्जापुर
      • सोनभद्र
  • राजनीति
  • एंटरटेनमेंट
    • बॉलीवुड
    • हॉलीवुड
    • टॉलीवुड
    • भोजपुरी
    • टीवी
    • वेब सीरीज
    • मूवी रिव्यु
  • धर्म कर्म
  • बिज़नेस
  • हेल्थ
  • खेल
  • साइंस
    • टेक्नोलॉजी
    • ऑटोमोबाइल
  • लाइफस्टाइल
    • फैशन
    • स्वास्थ्य
    • ट्रैवेल
    • खान-पान
  • एजुकेशन
  • अजब गजब
  • स्पेशल स्टोरी
  • Web Story
  • होम
  • देश-विदेश
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • वाराणसी
      • प्रयागराज
      • अयोध्या
      • लखनऊ
      • गोरखपुर
      • कानपुर
      • आजमगढ़
      • गाजीपुर
      • चंदौली
      • जौनपुर
      • बलिया
      • भदोही
      • मऊ
      • मिर्जापुर
      • सोनभद्र
  • राजनीति
  • एंटरटेनमेंट
    • बॉलीवुड
    • हॉलीवुड
    • टॉलीवुड
    • भोजपुरी
    • टीवी
    • वेब सीरीज
    • मूवी रिव्यु
  • धर्म कर्म
  • बिज़नेस
  • हेल्थ
  • खेल
  • साइंस
    • टेक्नोलॉजी
    • ऑटोमोबाइल
  • लाइफस्टाइल
    • फैशन
    • स्वास्थ्य
    • ट्रैवेल
    • खान-पान
  • एजुकेशन
  • अजब गजब
  • स्पेशल स्टोरी
  • Web Story
No Result
View All Result
Hindi News,Breaking News, Latest News, Political News
No Result
View All Result

भगवान विष्णु शालिग्राम के रूप में वृंदा रुपी तुलसी से विवाह

by sudha jaiswal
July 21, 2026
in धर्म कर्म
0
भगवान विष्णु शालिग्राम के रूप में वृंदा रुपी तुलसी से विवाह
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

तुलसी माता का विवाह शालिग्राम के साथ किया जाता है जिसके साथ माता वृंदा की कथा जुड़ी हुई है

तुलसी माता का विवाह शालिग्राम के साथ किया जाता है जो अत्यंत महत्वपूर्ण है। हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन या देवउठनी एकादशी या देव प्रबोधनी के दिन तुलसी विवाह का पर्व आयोजित किया जाता है। इस दिन तुलसी माता का विवाह शालिग्राम के साथ किया जाता है जिसके साथ माता वृंदा की कथा जुड़ी हुई है। आज हम आपको तुलसी विवाह की कथा और माँ वृंदा व श्रीहरी की कथा के बारे में बताएँगे।

शालिग्राम

तुलसी विवाह से जुड़ी जानकारी

तुलसी व शालिग्राम कौन हैं?

तुलसी का संबंध विष्णु भक्त माता वृंदा से है। वृंदा भगवान विष्णु की परम भक्त थी जिसका सतीत्व भी भगवान विष्णु की वजह से ही भंग हुआ था। तुलसी माता के साथ हमेशा शालिग्राम रहते हैं जो भगवान श्रीहरी अर्थात भगवान विष्णु का प्रतिनिधित्व करते है। इस दिन तुलसी माता व भगवान शालिग्राम का विवाह करवाया जाता है।

तुलसी विवाह की कथा

एक समय में जलंधर नामक एक भयानक राक्षस हुआ करता था जो अत्यंत पराक्रमी व वीर था। शक्तिशाली होने के साथ-साथ उसने अपनी शक्तियों का गलत प्रयोग किया था व ऋषि-मुनियों और देवताओं पर अत्याचार करना शुरू कर दिया था। उसके पराक्रम से देवलोक में सभी त्रस्त थे लेकिन कोई भी उसे हरा पाने में सक्षम नही था।

उसकी शक्ति का असली कारण वह स्वयं नही अपितु उसकी पत्नी वृंदा थी। वृंदा एक पतिव्रता नारी थी व साथ ही भगवान विष्णु की परम भक्त भी। वह जब भी युद्ध करने जाता तब अपनी पत्नी के सतिव्रत के कारण अविजयी रहता। इसी से परेशान होकर सभी देवतागण वैकुंठ में भगवान विष्णु से सहायता मांगने गए।

तब देवताओं की सहायता करने के उद्देश्य से भगवान विष्णु ने वृंदा के पतिव्रत धर्म को भंग करना ही इसका एकमात्र उपाय बताया। इसके लिए श्रीहरी ने स्वयं जलंधर राक्षस का रूप धरा और वृंदा के पास चले गए। वृंदा भगवान विष्णु की माया में आ गयी और उन्हें अपना पति समझ बैठी। भगवान विष्णु के द्वारा वृंदा को स्पर्श करते ही उसका पतिव्रत धर्म भंग हो गया।

उसी समय जलंधर राक्षस का देवताओं के साथ भीषण युद्ध चल रहा था। वृंदा के पतिव्रत धर्म के भंग होते ही उसकी शक्ति क्षीण हो गयी व उसकी पराजय हुई। देवताओं ने उसका सिर धड़ से अलग कर दिया व उसका मस्तक कटकर वृंदा के आँगन में आ गिरा।

वृंदा अपने पति का कटा मस्तक देखकर हतप्रद रह गयी व अपने सामने खड़े जलंधर को अधीर होकर देखने लगी। उसने उसे अपने असली रूप में आने का कहा। इतना कहते ही भगवान विष्णु अपने श्रीहरी रूप में उसके सामने प्रकट हो गए।

वृंदा यह देखकर विलाप करने लगी व अपने ही भगवान के द्वारा इस प्रकार का छल किये जाने पर अत्यधिक क्रोधित हो गयी। इसी क्रोध में उसने भगवान विष्णु को पत्थर बन जाने का श्राप दे दिया क्योंकि उन्होंने पत्थर दिल से अपनी भक्त का हृदय तोड़ दिया था।

उसी समय सभी देवता भी वहां आ गए और माता वृंदा से अपना श्राप वापस लेने की याचना करने लगे। श्रीहरी कुछ नही बोल रहे थे और वही चुपचाप खड़े थे। सभी देवताओं के द्वारा आग्रह किये जाने पर माता वृंदा ने अपना श्राप वापस ले लिया और अपनी पति जलंधर के साथ वही सती हो गयी।

माता वृंदा का भगवान विष्णु को श्राप

एक मान्यता के अनुसार माता वृंदा ने इसके अलावा भगवान विष्णु को एक श्राप और दिया था। उन्होंने कहा था कि जिस प्रकार उन्होंने अपनी भक्त के साथ छल किया है और पति वियोग दिया है ठीक उसी प्रकार उन्हें मृत्यु लोक में जन्म लेना पड़ेगा। उनकी पत्नी का भी सतिव्रत धर्म भंग होगा और उन्हें भी पत्नी का वियोग सहना पड़ेगा।

इसी श्राप के फलस्वरूप भगवान विष्णु के सातवें रूप भगवान श्रीराम की पत्नी माता सीता का पापी रावण के द्वारा हरण हुआ था। उसके पश्चात उन्हें माता सीता का वियोग भी सहना पड़ा था। हालाँकि इस घटना का कारण महर्षि भृगु के द्वारा भगवान विष्णु को दिए गए श्राप से भी जोड़ा जाता है।

भगवान विष्णु का वृंदा को वरदान

वृंदा के सती होने के पश्चात भगवान विष्णु के वरदान से वहां तुलसी का पौधा प्रकट हो गया। श्रीहरी वही खड़े पश्चाताप की अग्नि में जल रहे थे और अपनी भक्त की ऐसी स्थिति को देखकर व्यथित थे। उन्होंने उसी समय वृंदा के सतिव्रत को ध्यान में रखते हुए उसे ऐसा वरदान दिया कि जिससे वृंदा इतिहास में अमर हो गयी।

उन्होंने वृंदा को वरदान दिया कि उसका श्राप मिथ्या नही जाएगा तथा श्रीहरी का एक रूप शालिग्राम पत्थर के रूप में हमेशा तुलसी के साथ रहेगा। उन्होंने कहा कि आगे से मेरी पूजा में तुलसी का स्थान माँ लक्ष्मी से भी ऊपर रहेगा तथा मेरी कोई भी पूजा तुलसी के बिना पूरी नही मानी जाएगी।

उस दिन देवउठनी एकादशी का दिन था। इसलिये श्रीहरी ने कहा कि इस दिन जो कोई भी शालिग्राम का तुलसी से विवाह करवाएगा उसकी हर मनोकामना पूर्ण होगी तथा उस पर मेरी कृपा बनी रहेगी। यह वरदान देकर भगवान विष्णु वहां से अंतर्धान हो गए।

तुलसी विवाह के दिन क्या करे

इस दिन तुलसी जी के पौधे को खुले स्थान में या घर के आँगन में रखे और गन्ने का मंडप सजाए। शालिग्राम को तुलसी जी के बायी ओर रखे और माता तुलसी को लाल चुनरी चढ़ाये। दोनों पर हल्दी चढ़ाये व पूरे विधि-विधान के साथ तुलसी जी की कथा पढ़े और उनका विवाह करवाए। अंत में तुलसी के पौधे की परिक्रमा करके विवाह संपन्न करवाए। 

शालिग्राम कहाँ पाया जाता है

शालिग्राम मुख्यतया गंडकी नदी में पाया जाता है। यह नदी हिमालय के पर्वतो से निकलकर दक्षिण-पश्चिम में बहती हुई भारत की भूमि में प्रवेश करती है। इसका बहाव मुख्य रूप से नेपाल देश व बिहार राज्य में हैं। इसके अन्य नाम गंडक व नारायणी भी है।

Tags: तुलसी विवाहतुलसी विवाह की कथातुलसी विवाह से जुड़ी जानकारीधर्म कर्म
Previous Post

तिल मावा गजक पट्टी रेसिपी

Next Post

त्वचा को ग्लोइंग और सॉफ्ट  बनाने में मदद करते हैं ये 3 मसाले, जानें इस्तेमाल के तरीके

Next Post
त्वचा को ग्लोइंग और सॉफ्ट  बनाने में मदद करते हैं ये 3 मसाले, जानें इस्तेमाल के तरीके

त्वचा को ग्लोइंग और सॉफ्ट  बनाने में मदद करते हैं ये 3 मसाले, जानें इस्तेमाल के तरीके

Web Stories

10 Things to know about The Kerala Story
Rashifal: 21 अप्रैल से वृहस्पति बदलेंगे अपनी चाल, राशियों पर पड़ेगा बड़ा प्रभाव
ब्लैक साड़ी में खुबसूरत दिखीं South Actress Keerthy Suresh
गोल्डन लहंगे में दुल्हन बनीं एक्ट्रेस Mrunal Thakur
बदलने वाली है ग्रहों की चाल, राशियों पर पड़ेगा ये प्रभाव

Recent Posts

  • MDR शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने मनाया ‘नो यूपीआई डे’, प्रतिष्ठानों पर लगाए पोस्टर, ऑनलाइन भुगतान से बनाई दूरी
  • Varanasi: अनिश्चितकालीन धरने के 10वें दिन प्रतीकात्मक शव बनकर छात्रों ने जताया आक्रोश, चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग पर अड़ा ABVP
  • अब बुजुर्गों की नहीं, युवाओं की पसंद बनी खादी! Gandhi Jayanti पर खास ऑफर, डेनिम-जैकेट से हर्बल प्रोडक्ट्स तक रेंज उपलब्ध
  • Varanasi: पिता-पुत्र के विवाद में चली गोली, लाइसेंसी रिवॉल्वर को लेकर हुई छीना-झपटी, बेटा घायल
  • फ्लैट बुकिंग के नाम पर BHU की दो महिला प्रोफेसरों से 30 लाख की धोखाधड़ी, बिल्डर समेत चार के खिलाफ मुकदमा
  • New Delhi: जंतर-मंतर बना छावनी, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन; 500 से ज्यादा हिरासत में, 11 मेट्रो स्टेशन बंद
  • Varanasi: 161 टन का ‘महाबॉयलर’ पहुंचा चौबेपुर, देखने उमड़ी भीड़, रीलबाजों ने बनाया सोशल मीडिया स्टार
  • BHU में छात्राओं का आक्रोश मार्च: महिला सुरक्षा, भेदभाव और पितृसत्ता के मुद्दे पर उठाई आवाज
  • Varanasi: 97 साल बाद भी कैथी में जीवित हैं गांधी के पदचिह्न, गंगा-गोमती संगम तक निकली पदयात्रा
  • Varanasi: 200 टन का बॉयलर लेकर पहुंचा 308 पहियों वाला ट्रेलर, स्वर्वेद महामंदिर के सामने फुट ओवरब्रिज काटना पड़ा

Categories

About Us

Jansandesh Times

Category

  • अजब गजब
  • अपराध
  • अयोध्या
  • आजमगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • एजुकेशन
  • एंटरटेनमेंट
  • ऑटोमोबाइल
  • कानपुर
  • खान-पान
  • खेल
  • गाजीपुर
  • गोरखपुर
  • चंदौली
  • जौनपुर
  • टीवी
  • टेक्नोलॉजी
  • टॉलीवुड
  • ट्रैवेल
  • दिल्ली
  • देश-विदेश
  • धर्म कर्म
  • प्रयागराज
  • फैशन
  • फ़ोटो गैलरी
  • बलिया
  • बिज़नेस
  • बॉलीवुड
  • भदोही
  • भोजपुरी
  • मऊ
  • मिर्जापुर
  • मूवी रिव्यु
  • राजनीति
  • राज्य
  • लखनऊ
  • लाइफस्टाइल
  • वाराणसी
  • वेब सीरीज
  • साइंस
  • सोनभद्र
  • स्पेशल स्टोरी
  • स्वास्थ्य
  • हेल्थ
  • हॉलीवुड

Recent Posts

  • MDR शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने मनाया ‘नो यूपीआई डे’, प्रतिष्ठानों पर लगाए पोस्टर, ऑनलाइन भुगतान से बनाई दूरी
  • Varanasi: अनिश्चितकालीन धरने के 10वें दिन प्रतीकात्मक शव बनकर छात्रों ने जताया आक्रोश, चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग पर अड़ा ABVP
  • अब बुजुर्गों की नहीं, युवाओं की पसंद बनी खादी! Gandhi Jayanti पर खास ऑफर, डेनिम-जैकेट से हर्बल प्रोडक्ट्स तक रेंज उपलब्ध
  • Varanasi: पिता-पुत्र के विवाद में चली गोली, लाइसेंसी रिवॉल्वर को लेकर हुई छीना-झपटी, बेटा घायल
  • फ्लैट बुकिंग के नाम पर BHU की दो महिला प्रोफेसरों से 30 लाख की धोखाधड़ी, बिल्डर समेत चार के खिलाफ मुकदमा
  • Private Policy
  • Fact Check Policy
  • Correction Policy
  • Editorial Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions

© 2022 - 2026 Jansandesh Times Pvt. Ltd. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • होम
  • देश-विदेश
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • वाराणसी
      • प्रयागराज
      • अयोध्या
      • लखनऊ
      • गोरखपुर
      • कानपुर
      • आजमगढ़
      • गाजीपुर
      • चंदौली
      • जौनपुर
      • बलिया
      • भदोही
      • मऊ
      • मिर्जापुर
      • सोनभद्र
  • राजनीति
  • एंटरटेनमेंट
    • बॉलीवुड
    • हॉलीवुड
    • टॉलीवुड
    • भोजपुरी
    • टीवी
    • वेब सीरीज
    • मूवी रिव्यु
  • धर्म कर्म
  • बिज़नेस
  • हेल्थ
  • खेल
  • साइंस
    • टेक्नोलॉजी
    • ऑटोमोबाइल
  • लाइफस्टाइल
    • फैशन
    • स्वास्थ्य
    • ट्रैवेल
    • खान-पान
  • एजुकेशन
  • अजब गजब
  • स्पेशल स्टोरी
  • Web Story

© 2022 - 2026 Jansandesh Times Pvt. Ltd. All Rights Reserved.

10 Things to know about The Kerala Story Rashifal: 21 अप्रैल से वृहस्पति बदलेंगे अपनी चाल, राशियों पर पड़ेगा बड़ा प्रभाव ब्लैक साड़ी में खुबसूरत दिखीं South Actress Keerthy Suresh गोल्डन लहंगे में दुल्हन बनीं एक्ट्रेस Mrunal Thakur बदलने वाली है ग्रहों की चाल, राशियों पर पड़ेगा ये प्रभाव