Varanasi: इस बार हरतालिका तीज और गणेश उत्सव एक ही दिन पड़ने से काशी के बाजारों में त्योहारों की रौनक एक साथ देखने को मिल रही है। 14 सितंबर को दोनों पर्व होने के कारण जहां महिलाएं हरतालिका तीज के लिए पूजन सामग्री और श्रृंगार के सामान की खरीदारी में जुटी हैं, वहीं गणेश उत्सव को लेकर भी श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। बाजारों में भगवान गणेश की प्रतिमाओं की मांग बढ़ने के साथ ही मूर्तिकार भी प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।

गणेश उत्सव को लेकर शहर के विभिन्न इलाकों में मूर्तिकार दिन-रात मेहनत कर भगवान गणेश की आकर्षक प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। छोटी से लेकर बड़ी प्रतिमाओं तक को अलग-अलग स्वरूप दिया जा रहा है। इस बार श्रद्धालुओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए मूर्तिकार पारंपरिक स्वरूप के साथ ही अलग और आकर्षक प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं।

काशी की संस्कृति और परंपरा से जुड़ाव
पुजवा निवासी मूर्तिकार अभिजीत विश्वास ने बताया कि इस बार भगवान गणेश की प्रतिमाओं की मांग काफी अधिक है। श्रद्धालुओं (Varanasi) की ओर से अलग-अलग आकार और स्वरूप की प्रतिमाओं की मांग की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस बार वह भगवान गणेश की एक अनोखी प्रतिमा तैयार कर रहे हैं, जो काशी की संस्कृति और परंपरा से जुड़ी होगी।

उन्होंने बताया कि इस प्रतिमा में भगवान गणेश काशी की वेशभूषा में नजर आएंगे। प्रतिमा में गणपति को धोती-कुर्ता पहने और सिर पर गमछा बांधे हुए दिखाया जाएगा। मूर्तिकार के अनुसार, काशी (Varanasi) की पहचान और यहां की पारंपरिक वेशभूषा से भगवान गणेश के स्वरूप को जोड़ने का प्रयास किया गया है। यह प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सकती है।

अभिजीत विश्वास ने बताया कि इस बार गणेश प्रतिमाओं की मांग इतनी अधिक थी कि कई आर्डर समय पर पूरा करना संभव नहीं हो सका। मौसम अनुकूल नहीं होने के कारण प्रतिमाओं को तैयार करने और सुखाने में काफी परेशानी आ रही है। बारिश और वातावरण में नमी के कारण मिट्टी की प्रतिमाएं निर्धारित समय में सूख नहीं पा रही हैं। ऐसे में समय पर प्रतिमाएं तैयार कर उन्हें रंग-रोगन और सजावट के लिए तैयार करना मूर्तिकारों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

उन्होंने बताया कि कई लोगों ने प्रतिमाओं के लिए संपर्क किया था, लेकिन समय की कमी और मौसम की प्रतिकूलता के कारण उन्हें कुछ मांग को रद्द करना पड़ा। फिलहाल मूर्तिकार सीमित समय में अधिक से अधिक प्रतिमाएं तैयार करने में जुटे हैं। कई प्रतिमाओं (Varanasi) पर मिट्टी का काम पूरा हो चुका है, जबकि कुछ में रंग-रोगन और अंतिम सजावट का काम किया जा रहा है।

Varanasi: गणेश प्रतिमाओं को लेकर बढ़ रही रुचि
मूर्तिकारों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में गणेश उत्सव को लेकर लोगों (Varanasi) की रुचि लगातार बढ़ रही है। पहले जहां सीमित संख्या में लोग गणेश प्रतिमाएं स्थापित करते थे, वहीं अब विभिन्न मोहल्लों, संस्थानों और घरों में भी गणेश प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा बढ़ रही है। इसी के चलते प्रतिमाओं की मांग में भी इजाफा हो रहा है।

अभिजीत विश्वास ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में गणेश प्रतिमाओं की मांग और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मां दुर्गा की प्रतिमाओं के लिए दूर-दूर से खरीदार मूर्तिकारों के पास पहुंचते हैं, उसी तरह भविष्य में भगवान गणेश की प्रतिमाओं के लिए भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे।

दो दिन में प्रतिमा तैयार करने की चुनौती
इस बार गणेश उत्सव और हरतालिका तीज एक ही दिन पड़ने के कारण मूर्तिकारों के सामने समय की चुनौती भी है। कई प्रतिमाओं (Varanasi) को दो दिनों के भीतर तैयार कर श्रद्धालुओं को सौंपना है। मौसम में नमी के कारण मिट्टी की प्रतिमाओं को सुखाने में अधिक समय लग रहा है। ऐसे में मूर्तिकारों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है।

ये भी पढ़ें:- आंगनबाड़ी कर्मियों ने प्रोत्साहन राशि का भुगतान नियमित करने की उठाई मांग
बाजारों (Varanasi) में भी त्योहारों को लेकर चहल-पहल बढ़ गई है। महिलाएं हरतालिका तीज के लिए पूजन सामग्री और श्रृंगार के सामान की खरीदारी कर रही हैं, वहीं गणेश उत्सव के लिए लोग प्रतिमाओं, पूजन सामग्री और सजावट के सामान की तलाश में बाजार पहुंच रहे हैं। एक ही दिन दो प्रमुख पर्व होने से इस बार बाजारों में भी खरीदारी का उत्साह सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक दिखाई दे रहा है।
